जमुई की घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला-बालिका सुरक्षा की खोली पोल : अनुपम

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जमुई की घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला-बालिका सुरक्षा की खोली पोल : अनुपम


जमुई की घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला-बालिका सुरक्षा की खोली पोल : अनुपम


सुपौल, 22 सितंबर (हि.स.)। जमुई में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट, दुर्व्यवहार एवं उत्पीड़न की घटना के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमिटी सुपौल की ओर से विरोध मार्च निकाला गया। प्रखंड प्रभारी शाहिद खान एवं प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार झा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय से निकला मार्च आंबेडकर चौक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में नारेबाजी करते हुए महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। जमुई में 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग स्कूली छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की और आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि जमुई की घटना किसी एक परिवार या जिले तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की जवाबदेही का गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और सुशासन के दावे करती है, लेकिन जब नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की घटना सामने आती है तो शासन-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक हो जाती है।

उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई तेज हुई। ऐसे मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रेम नाथ झा ने कहा कि नशे, हिंसा और अपराध को बढ़ावा देने वालों को सामाजिक प्रतिष्ठा अथवा संरक्षण देने के बजाय समाज को उनका विरोध करना चाहिए। राजनीतिक प्रभाव, आर्थिक ताकत अथवा भीड़ जुटाने की क्षमता किसी व्यक्ति को कानून और सामाजिक मर्यादा से ऊपर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के सामने आने के कारण जमुई की घटना देशभर में चर्चा में आई, लेकिन जिन घटनाओं का वीडियो सामने नहीं आता, उन पीड़ितों की आवाज कौन उठाएगा। सरकार को केवल सोशल मीडिया पर सामने आने वाली घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। जिला कांग्रेस कमिटी ने जमुई मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने, सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने, पीड़ित छात्र-छात्राओं एवं उनके परिवार की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए जवाबदेही तय करने वाली ठोस व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। साथ ही कहा कि यदि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहती है तो मुख्यमंत्री को पद से इस्तीफा देना चाहिए। विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जमुई मामले में दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

विरोध मार्च में पिपरा प्रभारी ललित कामत, उस्मान आजाद, ललन भगत, सुभान, तनवीर आलम, शिवनंदन यादव, एमडी सुहैल, रामचंद्र सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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