मंडल कारा सुपौल और बीरपुर में बंदियों को बताए गए विधिक अधिकार

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मंडल कारा सुपौल और बीरपुर में बंदियों को बताए गए विधिक अधिकार


मंडल कारा सुपौल और बीरपुर में बंदियों को बताए गए विधिक अधिकार


सुपौल, 10 अक्टूबर (हि.स.)। काराओं में निरुद्ध व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंडल कारा, सुपौल एवं अनुमंडलीय कारा, बीरपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम सह मानसिक परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बीएलएसए) के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं मानसिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2015 के अंतर्गत हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के निर्देशन तथा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव के पर्यवेक्षण में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य काराओं में निरुद्ध व्यक्तियों को मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं मानसिक दिव्यांग व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा उपलब्ध चिकित्सा एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं एवं चिकित्सकों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान, उचित उपचार और आवश्यक परामर्श से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

उपस्थित लोगों को बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा और कानून के प्रावधानों के अनुरूप निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। ऐसे व्यक्तियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। शिविर के दौरान मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर ध्यान देने और जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को साझा करने और उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल का उद्देश्य काराओं में निरुद्ध व्यक्तियों तक विधिक सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें और उन्हें न्याय के साथ मानवीय गरिमा के अनुरूप व्यवहार मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम काराओं में निरुद्ध व्यक्तियों को कानूनी सहायता, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और उनके अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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