इटाढ़ी आरओबी बंद होने से पांडे पट्टी मार्ग बना 'मुसीबत का रास्ता' , 26.40 करोड़ का आरओबी बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई

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इटाढ़ी आरओबी बंद होने से पांडे पट्टी मार्ग बना 'मुसीबत का रास्ता' , 26.40 करोड़ का आरओबी बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई


बक्सर, 13 जुलाई (हि.स.)।

शहर के इटाढ़ी रेलवे गुमटी पर बने आरओबी पुल के बंद होने से शहर के तरफ आने वाली गाड़ियां एवं इतरी रोड में जाने वाली गाड़ियां पांडे पट्टी गुमटी से होकर गुजर रही है चुकी पांडे पट्टी गुमटी से इटाढ़ी रोड में जाने वाली सड़क काफी पतली है दोनों तरफ से गाड़ियों के आवागमन होने से प्रतिदिन जाम की समस्या तो उत्पन्न हो ही रही है।

प्रतिदिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही है। वहीं कभी अधिक वर्षा होने के बाद कहीं-कहीं रोड के किनारे इतनी बड़ी दलदल हो जा रही है कि छोटी गाड़ियां उसमें फस रही है। बताया गया कि पिछले कई दिनों के उपरांत में कई छोटी गाड़ियां फंसी जिसको वहां के समाजसेवी एवं नगर परिषद बक्सर के उप चेयरमैन प्रतिनिधि सुनील मिश्रा के द्वारा ट्रैक्टर भेज कर गाड़ी को खिंचवाकर बाहर निकालने का प्रयास का कार्य किया गया।

इस बारे में उन्होंने बताया कि ऐसी नौबत तब आती है जब शासन प्रशासन के लोग कान में तेल डालकर सोए रहते हैं । कोई व्यवस्था नहीं है जाम लगती है लगी रहे कहीं भी पानी लगती है लगी रहे उसको निकालने का कोई प्रबंध नहीं है । जब तक सरकार एवं विभाग लोगों की सुविधा का सही रूप में ख्याल नहीं रखेगा तब तक ऐसे ही परेशानी बनी रहेगी ।

आपको बता दे कि 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) उद्घाटन के महज चार दिन बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के पाया (पिलर) संख्या-5 के समीप स्लैब धंस जाने से सड़क पर बड़ा गैप बन गया, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से को लोहे की प्लेटों से ढक दिया गया है और मरम्मत कार्य की तैयारी चल रही है।

दरअसल करीब 950 मीटर लंबे इस आरओबी का निर्माण बक्सर शहर को बरूना क्षेत्र से जोड़ने तथा रेलवे गुमटी पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद पुल में आई तकनीकी खराबी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने निर्माण में भ्रष्टाचार तथा घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं पुल कॉन्ट्रेक्टर का कहना है कि उद्घाटन के तुरंत बाद क्षमता से अधिक वजन वाले ओवरलोडेड ट्रकों के आवागमन से भी पुल के स्लैब पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, जिससे यह क्षति हुई है।

फिलहाल पुल बंद रहने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा ही लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने तकनीकी जांच के बाद आवश्यक मरम्मत कर सुरक्षित होने पर ही पुल को दोबारा यातायात के लिए खोलने की बात कही है।

हालांकि पल के चालू होने के तुरंत बाद रेलवे के द्वारा इटाढ़ी गुमटी फाटक को बंद कर दिया गया जिसे खुलवाने के लिए पिछले कई दिनों से कई राजनीतिक दलों के द्वारा सामाजिक संस्थाओं के द्वारा सरकार एवं रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया ।

बावजूद इसके भी रेल प्रशासन के तरफ से साफ कह दिया गया कि जो फाटक बंद हो गया है वह पुनः चालू नहीं होगा। अब तो जब तक पुल नहीं बन जाता है तब तक पांडे पट्टी गुमटी के ही सहारे गाड़ियां शहर से बाहर जाएगी और शहर में प्रवेश करेगी चाहे वह जाम की समस्या से जूझती रहे या कोई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहे। इससे न रेलवे को कोई प्रभाव पड़ेगा और ना ही स्थानीय प्रशासन को जैसा कि देखने को प्रतिदिन मिल भी रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra

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