संस्थागत प्रसव बढ़ाने को प्रशासन की विशेष माइक्रो-प्लानिंग,हर बुधवार घर-घर जाएंगे अधिकारी

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कटिहार, 21 सितंबर (हि.स.)। जिले के बलरामपुर प्रखंड में संस्थागत प्रसव की दर बढ़ाने और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष माइक्रो-प्लानिंग तैयार की है। इसके तहत अब अधिकारी केवल फाइलों में आंकड़ों की समीक्षा नहीं करेंगे, बल्कि प्रत्येक बुधवार को गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की स्थिति का सीधा जायजा लेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, कम उम्र की गर्भवती महिलाओं की पहचान कर संस्थागत प्रसव में आ रही बाधाओं को जड़ से खत्म करना है।

घर-घर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें अधिकारी : डीएम

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि संस्थागत प्रसव में सुधार महज समीक्षा बैठकों से संभव नहीं है। उन्होंने कहा, हमें यह समझना होगा कि किसी गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवा क्यों नहीं पहुंच पा रही है और परिवार अस्पताल में प्रसव कराने से क्यों कतरा रहा है। इसके लिए अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी स्वयं गांव और लाभार्थी के घर तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति समझें और चिन्हित समस्याओं का त्वरित समाधान करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतवार माइक्रो-प्लानिंग के तहत जिला-प्रखंड स्तरीय अधिकारी, डेवलपमेंट पार्टनर्स, आंगनवाड़ी सेविकाएं और जीविका दीदियां आपसी समन्वय से कार्य करें।

संयुक्त टीमें करेंगी डोर-टू-डोर ट्रैकिंग

योजना के अनुसार, क्षेत्र भ्रमण से पूर्व आंगनवाड़ी सेविकाएं और जीविका दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं (विशेषकर उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, व कम उम्र की महिलाओं) की सूची उपलब्ध कराएंगी। इसके बाद जिला, प्रखंड व तकनीकी सहयोगियों की संयुक्त टीमें पंचायतवार घर-घर जाकर एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट जांच, आवश्यक रक्त परीक्षण, संभावित प्रसव तिथि, रेफरल की जरूरत और प्रसव पूर्व तैयारियों का जायजा लेंगी। साथ ही कम उम्र की गर्भवती महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य परामर्श भी दिया जाएगा।

हर महिला की स्थिति पर सीधी नजर : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग का लक्ष्य केवल सूची बनाना नहीं, बल्कि हर महिला की वास्तविक समस्या को ट्रैक करना है। टीम यह भी पता लगाएगी कि अस्पताल की दूरी, एम्बुलेंस की कमी, पारिवारिक दबाव, भय या कोई अन्य सामाजिक कारण तो संस्थागत प्रसव में आड़े नहीं आ रहा। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं मामलों में समय पर रेफरल व सुरक्षित प्रसव की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।

मानकीकृत चेकलिस्ट से जांच और प्रत्येक बुधवार 'संध्या चौपाल'

पंचायतों में स्वास्थ्य सेवाओं, एम्बुलेंस उपलब्धता और अस्पताल की सुविधाओं का मूल्यांकन एक मानकीकृत चेकलिस्ट के जरिए ग्रामीणों व बुजुर्गों से फीडबैक लेकर किया जाएगा। वहीं, दिनभर के भ्रमण के बाद प्रत्येक बुधवार की शाम संबंधित पंचायत में 'संध्या चौपाल' आयोजित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

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