राघोपुर-काजीकोरैया बांध का बड़ा हिस्सा ध्वस्त, मंत्री और डीएम ने किया कटाव स्थल का निरीक्षण
भागलपुर, 30 अगस्त (हि.स.)।
जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राघोपुर-काजीकोरैया मुख्य बांध का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी की तेज धार में ध्वस्त हो गया है।
बांध टूटने से क्षेत्र में नदी का कटाव तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के सामने बेघर होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा अब तक कराए गए करोड़ों रुपये के कटावरोधी कार्य गंगा की तेज धार में बह चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग के उपाय 'ऊंट के मुंह में जीरा' साबित हो रहे हैं। बढ़ते कटाव और ग्रामीणों के बीच पसरी दहशत को देखते हुए बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह स्थानीय विधायक इंजीनियर शैलेंद्र और भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
स्थिति का जायजा लेने के बाद दोनों ही उच्च अधिकारी जल संसाधन विभाग की ढीली कार्यशैली से बेहद असंतुष्ट नजर आए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने अधिकारियों को मुख्य बांध की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। डीएम ने कहा, कटावरोधी कार्य को समय-सीमा के भीतर मजबूती से पूरा करने की हिदायत दी गई है। मौके पर मैनपावर (मजदूरों और संसाधनों) की कमी की शिकायत मिली है, जिसे तुरंत दुरुस्त करने को कहा गया है ताकि काम में तेजी लाई जा सके। कटाव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि पूरे प्रभावित क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया गया है और कटाव को आगे बढ़ने से रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी हैं।
उन्होंने पूर्व की चेतावनियों का जिक्र करते हुए कहा, मैंने शुरुआत में ही अधिकारियों को आगाह किया था कि गंगा टिल्ट (रुख में बदलाव) कर रही है, जिससे कटाव बढ़ेगा। इस पर समय रहते काम शुरू हो जाना चाहिए था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि उनके आशियाने और खेत कभी भी नदी में समा सकते हैं। सरकारी दावों के विपरीत धरातल पर काम बेहद सुस्त है। यदि समय रहते मुख्य बांध को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

