किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सभी प्रखंडों में आधुनिक पुस्तकालय की पहल, सांसद के प्रस्ताव पर सरकार ने शुरू की कार्रवाई

WhatsApp Channel Join Now
किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सभी प्रखंडों में आधुनिक पुस्तकालय की पहल, सांसद के प्रस्ताव पर सरकार ने शुरू की कार्रवाई


किशनगंज, 01 अगस्त (हि.स.)। लोकसभा क्षेत्र के सभी प्रखंडों में आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। क्षेत्रीय सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेज दिया है। साथ ही विभाग को मामले में कार्रवाई कर सांसद को अवगत कराने का निर्देश भी दिया गया है।

सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने अपने पत्र में कहा था कि किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के किशनगंज, कोचाधामन, बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, ठाकुरगंज, पोठिया और दिघलबैंक प्रखंडों के अलावा पूर्णिया जिले के बायसी, डगरुआ, बैसा एवं अमौर प्रखंडों में आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना की जाए। उनका कहना था कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण पुस्तकालयों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं, शोधार्थियों तथा आम पाठकों को अध्ययन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

प्रस्ताव में प्रत्येक पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का सुझाव दिया गया है। इनमें वातानुकूलित अध्ययन कक्ष, प्रतियोगी परीक्षाओं की नवीनतम पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, निःशुल्क वाई-फाई सुविधा तथा हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं की समृद्ध पुस्तकों का संग्रह शामिल है। इसके अलावा विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजे जाने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा। यदि योजना को मंजूरी मिलती है तो हजारों विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा को नई गति मिलेगी।

सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने मुख्यमंत्री एवं मुख्यमंत्री सचिवालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने, पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Share this story