श्री गुरु तेग बहादुर जी: जीवन एवं शिक्षाएं विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
पटना, 03 मई (हि.स.)।
पटना साहिब की पावन धरा पर “श्री गुरु तेग बहादुर जी: जीवन एवं शिक्षाएं” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, केंद्र सरकार, साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली तथा तख्त श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब के संयुक्त तत्वावधान में आज किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी शहादत मानवाधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और सत्य के प्रति अटूट निष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन को साहस, सहिष्णुता और त्याग का अद्वितीय प्रतीक बताते हुए इसकी समकालीन प्रासंगिकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सिख धर्म के सिद्धांतों के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और सिख समुदाय से उनके विशेष संबंध रहे हैं।
बिहार विधान परिषद के उपाध्यक्ष प्रो रामवचन राय, ने अपने वक्तव्य में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन तथा बिहार की इस पवित्र भूमि के साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरसे पर प्रकाश डाला, जबकि साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ माधव कौशिक ने स्वागत भाषण में साहित्य अकादेमी की इस पहल को गुरु साहिब की शिक्षाओं के व्यापक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
दो दिवसीय इस संगोष्ठी के दौरान देशभर से आए अनेक प्रख्यात साहित्यकार, विद्वान एवं शोधकर्ता अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे, जिनमें गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं के विविध आयामों पर गहन विमर्श किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

