बूढ़ी कनकई से अवैध बालू खनन, जांच का विषय बना मामला
किशनगंज, 12 अप्रैल (हि.स.)। पौआखाली थाना क्षेत्र के पवना में बूढ़ी कनकई नदी से अवैध बालू खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यहां दिन-रात नियमों की अनदेखी कर बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
बताया जाता है कि अवैध खनन के बाद बालू का परिवहन खुलेआम पौआखाली नगर बाजार होकर किया जा रहा है। इस दौरान बिना जीपीएस नंबर वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो खनन नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय एक युवक ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि पूर्व में पवना क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब उसका असर खत्म हो चुका है। इसके उलट बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे दिन के उजाले में ही खुलेआम खनन और परिवहन कर रहे हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि अवैध बालू खनन से कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति अचानक मजबूत हुई है। जिनके पास पहले सीमित संसाधन थे, वे अब कई वाहन और अन्य संपत्तियों के मालिक बन गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इस अवैध कारोबार से किन-किन लोगों को फायदा पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि अवैध खनन के पीछे किन लोगों का हाथ है और किनके संरक्षण में यह धंधा फल-फूल रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर कब तक सख्त कदम उठाता है और बूढ़ी कनकई नदी में चल रहे अवैध बालू खनन पर लगाम लगाने में कितना सफल होता है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

