103 वर्ष पुराने मौनिया बाबा मेले का भव्य शुभारंभ, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सीवान, 10 सितंबर (हि.स.)। महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय में 103 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मौनिया बाबा मेला सह राजकीय महोत्सव 2026 का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ।
महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर महाराजगंज विधायक हेमनारायण साह, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, डीडीसी, एसडीएम महाराजगंज समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। उद्घाटन से पहले मौनिया बाबा के समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना की गयी। इसके बाद स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
प्रशासन के अनुसार महाराजगंज का मौनिया बाबा मेला वर्ष 1923 से भादो अमावस्या के अवसर पर आयोजित होता आ रहा है। उत्तर बिहार के प्रसिद्ध मेलों में शामिल इस मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में इसे राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलने के बाद मेले की गरिमा और महत्व और बढ़ा है।
सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि राजकीय मेले का दर्जा मिलने से मौनिया बाबा मेले की पारंपरिक पहचान को नई प्रतिष्ठा मिली है। यह मेला अब सीवान की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। मेले में करीब 23 महावीरी अखाड़े भी भाग लेते हैं। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने शांति समिति के सदस्यों से अखाड़ों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि अखाड़ा निकालने के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय दर्जा मिलने के बाद मौनिया बाबा मेला पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को भी मजबूत कर रहा है। मेले की बुनियादी संरचना को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास किये जा रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि आने वाले समय में यह मेला सीवान की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के रूप में और मजबूत होगा। मेला परिसर में लकड़ी और लोहे से बनी पारंपरिक वस्तुओं की भी बड़ी मांग रहती है। यहां अलमारी, संदूक, ओखल और मूसल सहित कई घरेलू सामानों की खरीद-बिक्री होती है। वहीं महावीरी अखाड़ों की आकर्षक प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और आस्था का जनसैलाब मौनिया बाबा मेले को सीवान की सांस्कृतिक जीवंतता का प्रतीक बनाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

