ऐतिहासिक राम-सीता-लक्ष्मण की अष्टधातु मूर्तियां चोरी
सारण, 05 जनवरी (हि.स.)। जिले के मशरक थाना परिसर से बिल्कुल सटे ऐतिहासिक राम जानकी शिव मंदिर में अज्ञात चोरों ने बीती रात एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर मंदिर का ताला तोड़कर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की सैकड़ों वर्ष पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां ले उड़े।
आश्चर्य की बात यह है कि मंदिर की दीवार थाना परिसर से सटी हुई है, जहाँ डीएसपी, इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष के आवास भी है फिर भी चोरों ने इतनी बड़ी वारदात को बेखौफ अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार चोरों ने मंदिर के पीछे का ताला काटकर प्रवेश किया और गर्भगृह का ताला तोड़कर प्राचीन मूर्तियों को चुरा लिया। इन मूर्तियों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है।
साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चोरों ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे उखाड़ दिए और उसकी हार्ड डिस्क (DVR) भी अपने साथ ले गए। मंदिर के पुजारी टुन्ना बाबा ने बताया कि जब वे सुबह पूजा के लिए पहुंचे, तो सारा सामान बिखरा हुआ था और मूर्तियां गायब थीं। स्थानीय निवासी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी और डीएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के लिए डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया है। मंदिर से कुछ दूरी पर चोरों द्वारा इस्तेमाल किया गया ताला काटने वाला कटर और भगवान के वस्त्र लावारिस हालत में मिले हैं।
सीसीटीवी की हार्ड डिस्क गायब होने के कारण पुलिस को चोरों की पहचान करने में कठिनाई हो रही है। इस घटना ने पुलिसिया गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, स्थानीय अजीत कुमार का कहना है कि थाना परिसर से सटे मंदिर में चोरी होना प्रशासन की घोर लापरवाही है। थाने में 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी और चार गश्ती वाहनों के होते हुए भी चोरों का हौसला इतना बुलंद कैसे रहा? जिस मंदिर की दीवार थाने से सटी हो, अगर वहां भी भगवान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा, पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और सघन छापेमारी जारी है।
ग्रामीण एसपी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर मूर्तियों को बरामद कर लिया जाएगा। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

