मखाना अनुसंधान केंद्र में हिंदी कार्यशाला

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मखाना अनुसंधान केंद्र में हिंदी कार्यशाला


दरभंगा, 01 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा में गुरुवार को त्रैमासिक हिंदी कार्यशाला आयोजित की गई। राजभाषा प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने मुख्य वक्ता महात्मा गांधी महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. लाल कुमार सहित प्रतिभागियों का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग के साथ साहित्य के माध्यम से सामाजिक संवेदना, नागरिक दायित्व और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि साहित्य संवेदना जगाता है, जबकि विज्ञान समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त करता है।

मुख्य वक्ता डॉ. लाल कुमार ने ‘स्वाधीनता आंदोलन में हिंदी की भूमिका’ तथा ‘प्रेमचंद साहित्य में ग्रामीण एवं कृषक जीवन’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद के साहित्य में ग्रामीण और कृषक जीवन की समस्याओं, संघर्षों और संवेदनाओं का प्रभावी चित्रण मिलता है। साहित्य और विज्ञान दोनों सामाजिक समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला में वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र ने स्वरचित कविताओं का पाठ किया। कृधा नंदिनी ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर महात्मा गांधी को समर्पित कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं सहायक कर्मियों ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. धर्मेंद्र ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

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