नगर निगम की बोर्ड बैठक: नाराज मेयर-उपमेयर ने किया वॉकआउट, पार्षदों के मनाने पर लौटे
भागलपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। भागलपुर नगर निगम की सामान्य बोर्ड समिति की बैठक में शनिवार को उस समय एक अभूतपूर्व और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब मेयर और उपमेयर के प्रशासनिक अधिकारों को लेकर सदन में तीखी बहस छिड़ गई। कुछ वार्ड पार्षदों द्वारा दोनों शीर्ष पदों की शक्तियों को लेकर की गई आपत्तिजनक और अनुचित टिप्पणियों से आहत होकर महापौर डॉ. वसुंधरा लाल और उपमहापौर डॉ. सलाउद्दीन एहसान बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए।
दोनों जनप्रतिनिधि सीधे अपने चेंबर में जाकर बैठ गए, जिससे बैठक की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई। दरअसल, नगर निगम सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण सामान्य बोर्ड की बैठक में शहर के चौमुखी विकास, नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता प्रबंधन की नई रूपरेखा, जनहित की कल्याणकारी योजनाओं और जल निकासी जैसे कई अहम एजेंडों पर विमर्श होना था।
बैठक की शुरुआत सामान्य रूप से हुई, लेकिन जैसे ही विकास कार्यों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक अधिकारों का मुद्दा उठा, कुछ पार्षदों ने मेयर-उपमेयर की भूमिका पर तीखे सवाल दागने शुरू कर दिए। देखते ही देखते बहस मर्यादा की सीमा पार कर गई। आपत्तिजनक बातें कहे जाने के बाद मेयर और उपमेयर ने कड़ा विरोध जताया और सदन की कार्यवाही बीच में ही छोड़ दी।
मेयर और उपमेयर के सदन से बाहर जाते ही नगर निगम सभागार में सन्नाटा पसर गया। इसके बाद शहर के विकास को सर्वोपरि मानने वाले कुछ वरिष्ठ और जिम्मेदार पार्षदों ने स्थिति को संभाला। वे तुरंत मेयर के चेंबर में पहुंचे और दोनों को मनाने की कवायद शुरू की। पार्षदों ने दोनों शीर्ष प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि यह बैठक शहर की जनता के हितों और विकास से जुड़ी हुई है, इसलिए आपसी गतिरोध को भुलाकर सदन में वापस आना बेहद जरूरी है। पार्षदों के काफी समझाने और जनहित का हवाला देने के बाद मेयर डॉ. वसुंधरा लाल और उपमेयर डॉ. सलाउद्दीन एहसान का गुस्सा शांत हुआ और वे दोबारा बैठक में शामिल होने के लिए राजी हुए। नेताओं की सदन में वापसी के बाद सामान्य बोर्ड की कार्यवाही नए सिरे से शुरू हुई। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में शहर के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में भागलपुर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, डस्टबिन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने, सड़क व नाला निर्माण और रुकी हुई अन्य लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से पारित किए गए।
पूरे घटनाक्रम पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए भागलपुर नगर निगम की मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने कहा, सदन के भीतर कुछ पार्षदों ने हमारे अधिकारों और गरिमा को लेकर बेहद अनुचित और अशोभनीय बातें कहीं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है, जिससे आहत होकर हम बैठक से बाहर चले गए थे। हालांकि, हमारे लिए भागलपुर का विकास और यहां के नागरिकों की सुविधाएं सबसे पहले हैं। इसलिए पार्षदों के विशेष आग्रह और जनहित का सम्मान करते हुए हमने दोबारा बैठक की कमान संभाली। कुल मिलाकर, इस बैठक में जहां एक ओर जनप्रतिनिधियों के बीच अधिकारों की खींचतान और आपसी टकराव शहर में चर्चा का विषय बना रहा, वहीं दूसरी ओर गतिरोध खत्म होने के बाद विकास के पहिए को गति देने वाले अहम फैसलों पर मुहर भी लगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

