बिहार के 29 जिलों में बनेंगे हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह, 330.07 करोड़ की पहल से विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर परीक्षा सुविधा

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बिहार के 29 जिलों में बनेंगे हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह, 330.07 करोड़ की पहल से विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर परीक्षा सुविधा


पटना, 19 सितम्बर (हि.स.)।

बिहार में विद्यार्थियों को बेहतर परीक्षा सुविधा उपलब्ध कराने, विद्यालयों में पठन-पाठन को निर्बाध बनाए रखने तथा परीक्षा एवं अन्य संवेदनशील प्रशासनिक कार्यों के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के अनुरूप बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा राज्य के 29 जिलों में 29 बहुउद्देशीय हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह के निर्माण की कार्रवाई की जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 330 करोड़ 7 लाख 13 हजार 343 रुपये की लागत आएगी।

इस संबंध में बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि 27 जिलों में 29 स्थानों पर चार मंजिला (जी+3) परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक परीक्षा भवन के लिए लगभग 1 से 1.5 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एस एम के नेतृत्व में समिति द्वारा परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में यह आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है।

वर्तमान में बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग तथा अन्य विभागों/आयोगों द्वारा जिला स्तर पर विभिन्न परीक्षाएं विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित की जाती हैं। ऐसे में समर्पित परीक्षा भवन उपलब्ध होने से परीक्षा आयोजन के लिए शिक्षण संस्थानों पर निर्भरता कम होगी।

एक साथ 4,000 परीक्षार्थियों के लिए सुविधा

प्रस्तावित परीक्षा भवनों में एक साथ लगभग 4,000 परीक्षार्थी सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा दे सकेंगे। परीक्षा के बाद इन भवनों में उत्तरपुस्तिकाओं का भंडारण किया जा सकेगा तथा इन्हें मूल्यांकन केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। आवश्यकता के अनुसार उत्तरपुस्तिकाओं की बारकोडिंग एवं स्कैनिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

पहले से 09 प्रमंडलीय मुख्यालयों में परीक्षा भवन संचालित

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा राज्य के 09 प्रमंडलीय मुख्य जिलों में पूर्व में परीक्षा भवन-सह-क्षेत्रीय कार्यालयों का निर्माण कराया जा चुका है। इनका उपयोग ऑनलाइन परीक्षा केंद्र, गैर-आवासीय निःशुल्क कोचिंग तथा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में किया जा रहा है। अब शेष 29 जिलों में 29 परीक्षा भवन-सह-वज्रगृहों के निर्माण से राज्य में परीक्षा आयोजन के लिए समर्पित आधारभूत संरचना का और विस्तार होगा।

पटना का बापू परीक्षा परिसर बना आधुनिक परीक्षा व्यवस्था का उदाहरण

पटना में स्थापित बापू परीक्षा परिसर बिहार में बड़े पैमाने पर परीक्षाओं के आयोजन के लिए विकसित आधुनिक परीक्षा आधारभूत संरचना का एक प्रमुख उदाहरण है। कुम्हरार स्थित इस परीक्षा परिसर का उद्घाटन वर्ष 2023 में किया गया था। पांच मंजिला इस परिसर को एक साथ बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित करने की क्षमता के साथ विकसित किया गया है। बापू परीक्षा परिसर में एक साथ 16,600 से अधिक परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा व्यवस्था की क्षमता है, जबकि लगभग 3,500 अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा सकती है। परिसर में परीक्षा संचालन के लिए बड़े परीक्षा हॉल के साथ सीसीटीवी आधारित निगरानी, नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

वज्रगृह से विद्यालयों में पढ़ाई की निरंतरता को मिलेगा बल

इन 29 स्थानों पर बनने वाले वज्रगृह में परीक्षाओं के लिए आवश्यक गोपनीय सामग्री का सुरक्षित भंडारण किया जा सकेगा। आवश्यकता के अनुसार निर्वाचन कार्यों से संबंधित संवेदनशील सामग्री का भंडारण भी यहां किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ शिक्षण संस्थानों को मिलेगा। निर्वाचन जैसे कार्यों के दौरान विद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों का उपयोग कम होने से वहां पठन-पाठन को लगातार जारी रखने में मदद मिलेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई में होने वाला व्यवधान कम किया जा सकेगा। जिस विद्यालय या महाविद्यालय में परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह का निर्माण किया जाएगा, उसे संचालन के लिए भवन सौंपा जाएगा। संबंधित विद्यालय/महाविद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार इन भवनों में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां एवं आंतरिक परीक्षाएं आयोजित कर सकेंगे। इस प्रकार ये भवन केवल परीक्षा आयोजन के लिए ही नहीं, बल्कि संबंधित शिक्षण संस्थानों के लिए भी उपयोगी बहुउद्देशीय सुविधा के रूप में काम करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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