सीवान के लहेजी में कबीर साहेब के मूल बीजक की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां मिलीं

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सीवान के लहेजी में कबीर साहेब के मूल बीजक की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां मिलीं


सीवान, 02 मई (हि.स.)। ज्ञान भारतम मिशन के तहत जिले को एक बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि मिली है। हसनपुरा प्रखंड के लहेजी गांव स्थित भगताही कबीर मठ में सदगुरु कबीर साहेब के मूल बीजक (धनौती पाठ) की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय स्वयं लहेजी पहुंचकर पांडुलिपियों का अवलोकन किया।

कबीर मठ के आचार्य महंत गुरु प्रसाद गोस्वामी एवं उत्तराधिकारी महंत आचार्य आमोद शरण गोस्वामी ने बताया कि बीजक का संकलन आचार्य भगवान गोस्वामी साहेब द्वारा किया गया था। उनके अनुसार, यह पांडुलिपियां लगभग 400 वर्ष पुरानी हो सकती हैं। इसके अलावा, मठ की 100 से 150 वर्ष पुरानी गतिविधियों का उल्लेख करने वाली अन्य हस्तलिखित पांडुलिपियां भी यहां मिली हैं।

जिला पदाधिकारी ने इन पांडुलिपियों को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित ज्ञान भारतम मिशन का उद्देश्य ऐसी विरासतों का संरक्षण और डिजिटलीकरण करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित संरक्षकों के पास ही रहेगा, प्रशासन केवल उनके डिजिटल संरक्षण में सहयोग करेगा ताकि भविष्य में शोध कार्यों में सहायता मिल सके।

डीएम ने आम जनता से अपील की कि वे अपने घरों में रखी 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों को खोजकर ज्ञान भारतम पोर्टल पर अपलोड करें या जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें।

इस अवसर पर जिला कला संस्कृति पदाधिकारी शालू कुमारी, वरीय उपसमाहर्ता जूली कुमारी, सीओ एवं बीडीओ हसनपुरा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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