स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अपील-आइए, हम सब मिलकर स्वस्थ और टीबी मुक्त बिहार बनाएं

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स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अपील-आइए, हम सब मिलकर स्वस्थ और टीबी मुक्त बिहार बनाएं


पटना, 30 सितंबर (हि.स.)। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बिहार लोक भवन, पटना में बुधवार को ‘टीबी मुक्त बिहार’ विषय पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर स्वस्थ और टीबी मुक्त बिहार बनाएं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार को टीबी मुक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने राज्यपाल के मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 10 जून 2026 को अधिवेशन भवन में आयोजित ‘टीबी मुक्त बिहार’ कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा दिए गए सुझावों से विभाग को लाभ मिला था।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि टीबी की जांच एवं उपचार की सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। अगमकुआं, पटना स्थित यक्ष्मा प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र सहित दरभंगा, भागलपुर और आईजीआईएमएस, पटना में जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। पावापुरी में केंद्र निर्माणाधीन है। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एसकेएमसीएच, डीएमसीएच, जेएलएनएमसीएच और एएनएमएमसीएच में ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के नोडल केंद्र स्थापित किए गए हैं। अन्य सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों में जिला टीबी केंद्र संचालित हैं। मरीजों की निःशुल्क एक्सरे जांच के लिए 499 केंद्र कार्यरत हैं। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पटना और दरभंगा में राज्यस्तरीय तथा प्रत्येक जिले में जिलास्तरीय टीबी दवा भंडार की व्यवस्था है। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर समितियां भी गठित की गई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बताया कि अभियान के तहत बिहार में अब तक 3 करोड़ 50 लाख 61 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 3 लाख 97 हजार 409 टीबी मरीजों की पहचान हुई है, जिनका उपचार किया जा रहा है। मरीजों के परिवारों को भी संक्रमण से बचाव की जानकारी दी जा रही है।

निक्षय पोषण योजना के तहत चिह्नित मरीजों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। निक्षय मित्रों के सहयोग से अब तक लगभग 66 हजार फूड बास्केट वितरित किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं और आम नागरिकों से निक्षय मित्र बनकर मरीजों की सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग मरीजों के अस्पताल आने की प्रतीक्षा करने के बजाय उन तक पहुंचकर स्क्रीनिंग कर रहा है। टीबी उन्मूलन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता से कार्य करता रहेगा। उन्होंने अपील की, “आइए, हम सब मिलकर स्वस्थ और टीबी मुक्त बिहार बनाएं।”

कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों और टीबी चैंपियनों को सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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