सुपौल में सरकारी राशि गबन की आशंका, आत्मा के लेखापाल पर एफआईआर दर्ज
सुपौल, 30 मई (हि.स.)। जिले में सरकारी राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर आत्मा सुपौल में कार्यरत लेखापाल हर्ष रंजन के विरुद्ध सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी को शिकायत देकर बताया था कि उनके वेतन से नियमित रूप से कटने वाली ईपीएफ अंशदान राशि उनके यूएएन खातों में जमा नहीं की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद आत्मा के लेखापाल हर्ष रंजन से स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने तकनीकी त्रुटि का हवाला देते हुए जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था।हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद ईपीएफ खाते अपडेट नहीं हुए, जिसके बाद किसान सलाहकारों ने दोबारा शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हर्ष रंजन 12 मई 2026 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं तथा उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद है। प्रशासन द्वारा उनके स्थायी और अस्थायी पते पर खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका ।इसके बाद परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित संबंधित खाते की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ईपीएफ अंशदान की राशि निर्धारित खाते में जमा कराने के बजाय इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित की गई है। वहीं, क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय, भागलपुर से प्राप्त सत्यापन में उपलब्ध कराई गई ईपीएफ चालानों की भी पुष्टि नहीं हो सकी।
प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, लेखापाल की अनुपस्थिति और बैंक खातों की प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकारी राशि के गबन की आशंका जताई गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद गबन की वास्तविक राशि और अन्य संभावित अनियमितताओं का खुलासा किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल की ओर से सदर थाना में कांड संख्या 360/2026 दर्ज कराया गया है। साथ ही संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

