सरकारी कर्मी अनिवार्य रूप से करें स्वगणना जनगणना: जिलाधिकारी
सारण, 18 अप्रैल (हि.स.)। भारत की जनगणना को सटीक और पारदर्शी प्रक्रिया बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सारण समाहरणालय में समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान उन्होंने स्वगणना को अनिवार्य अभियान बताते हुए जिले के सभी सरकारी कर्मियों को इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जितना अधिक स्वगणना किया जाएगा मुख्य जनगणना का कार्य उतना ही सरल, सटीक और पारदर्शी होगा। उन्होंने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों को प्रेरित करें। इसके साथ ही एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और टोला सेवकों के माध्यम से आम जनता के बीच जनजागरण चलाकर अधिक से अधिक लोगों को पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करने हेतु प्रोत्साहित करने को कहा।
स्वगणना को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने एक कंट्रोल रूम स्थापित करने का आदेश दिया। यह कंट्रोल रूम प्रतिदिन अधिकारियों से फीडबैक लेगा और डेटा संधारित करेगा। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को स्पष्ट किया कि 2 मई से शुरू होने वाले वास्तविक फील्ड कार्य से पूर्व प्रगणक और सुपरवाइजर अपने क्षेत्रों में स्वगणना का कार्य सुनिश्चित कराएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आज संध्या तक सीएमएमएस पोर्टल पर एचएलबी फ्रीज कर लिया जाए। 22 अप्रैल तक जियो टैगिंग और सीमांकन का कार्य हर हाल में पूर्ण हो।प्रगणक और सुपरवाइजर की सूची को तत्काल अंतिम रूप दिया जाए। धीमी प्रगति वाले प्रखंडों को चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि कार्यों में कोताही बरतने पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, एडीएम मुकेश कुमार समेत जिले के तमाम अधिकारी उपस्थित थे जबकि 30 चार्ज अधिकारी अन्य माध्यम से जुड़े थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

