बारिश से गंगा के जलस्तर में वृद्धि, खतरे के निशान से चार मीटर दूर जलस्तर

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बारिश से गंगा के जलस्तर में वृद्धि, खतरे के निशान से चार मीटर दूर जलस्तर


भागलपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। नेपाल, उत्तराखंड और पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि गंगा नदी भागलपुर में अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

केंद्रीय जल आयोग और बाढ़ नियंत्रण विभाग लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। पिछले कुछ दिनों में गंगा के जलस्तर में प्रति 24 घंटे में 14 से 30 सेंटीमीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

भागलपुर और नवगछिया के इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध (स्पर-07) पर गंगा का जलस्तर लगभग 29.02 से 29.78 मीटर के आसपास पहुंच गया है।

भागलपुर में गंगा नदी का खतरे का निशान 33.68 मीटर है। नदी अभी खतरे के लाल निशान से करीब 3.5 से 4 मीटर नीचे बह रही है, जिससे फिलहाल बाढ़ का कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।

गंगा का पानी इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध के निचले हिस्से (टो) को छूने लगा है, लेकिन राहत की बात है कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। भागलपुर के बूढ़ानाथ घाट पर बनी बाँस की चचरी पूरी तरह डूब चुकी है और पानी मंदिर परिसर की तरफ बढ़ रहा है।

वहीं सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर पानी बढ़ने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग लगा दी है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट पर हैं। कटाव रोधी और सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

दियारा और अन्य निचले इलाकों (जैसे सुल्तानगंज, नाथनगर और कहलगांव के तटीय क्षेत्र) में रहने वाले लोगों को ऊपरी और सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय रहने के कारण आने वाले 4-5 दिनों तक जलस्तर में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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