अमर स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

अमर स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि
अमर स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि


अररिया 11 जून(हि.स.)। फारबिसगंज के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित पीडब्लूडी प्रांगण में पंडित रामदेनी तिवारी द्विजदेनी क्लब किनार से जंगे आजादी के महान क्रान्तिकारी एवं स्वतन्त्रता सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयन्ती साहित्यकार हेमंत यादव की अध्यक्षता में मनायी गई। संचालन मनीष एवं प्रतीक ने किया।

राष्ट्रीय विभूति की तस्वीर पर सज्जनों के द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पण और नमन के बाद हरिनन्दन मेहता, सुरेन्द्र प्रसाद मंडल, हेमन्त यादव, विनोद कुमार तिवारी, ब्रजेश राय, रघुनन्दन मंडल ने अमर स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला और बताया कि उनका जन्म 11 जून 1897 को शाहजहॉंपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम मुरलीधर तिवारी था। काकोरी षडयंत्र मुकदमा के फैसले के अनुसार इन्हें और इनके मित्रों को मृत्युदण्ड की सजा दी गई थी। बाद में 19 दिसम्बर 1927 को इन्हें और इनके मित्र अशफाक उल्ला खां को अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया था।

इसी अवसर पर एसजीटीचिंग सेन्टर के निदेशक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्काउट राशिद जुनेद को उल्लेखनीय राष्ट्र और शिक्षा सेवा के लिए अमर शहीद अशफाक उल्ला खां स्मृति सम्मान से नवाजा गया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर, माला पहनाकर एवं पुस्तक आदि प्रदान कर साहित्यकारों के द्वारा सम्मानित किया गया।

मौके पर शिवनारायण चौधरी, नंद मोहन तिवारी, शिवराम साह, सीता राम बिहारी, सुनील दास, पलकधारी मंडल, दिनेश ठाकुर, अरविंद ठाकुर आदि मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/चंदा

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