ई-शिक्षाकोष में फर्जी मार्क ऑन ड्यूटी का खुलासा, किशनगंज के छह शिक्षक निलंबित

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ई-शिक्षाकोष में फर्जी मार्क ऑन ड्यूटी का खुलासा, किशनगंज के छह शिक्षक निलंबित


किशनगंज, 11 जुलाई (हि.स.)। जिले में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर फर्जी तरीके से 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज कर सरकारी व्यवस्था को गुमराह करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने ठाकुरगंज प्रखंड के पांच शिक्षकों समेत कुल छह शिक्षक-प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, 14 मई 2026 को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच के दौरान अनियमितता का खुलासा हुआ।

जांच में पाया गया कि संबंधित शिक्षकों ने विद्यालय में उपस्थित हुए बिना ही पोर्टल पर 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्शाई। तकनीकी जांच में उनकी लोकेशन विद्यालय से काफी दूर पाई गई।

किसी शिक्षक की लोकेशन 1097 किलोमीटर, किसी की 632 किलोमीटर, 490 किलोमीटर, 404 किलोमीटर, 297 किलोमीटर तथा 155 किलोमीटर दूर दर्ज हुई, जिससे फर्जी उपस्थिति की पुष्टि हुई।

इस मामले में निलंबित शिक्षकों में मध्य विद्यालय भोगडाबर के मो. नाहिद रजा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय डांगीबस्ती की सोनम राय, नया प्राथमिक विद्यालय गिधीनगोला पासवान टोला के प्रवीण कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुराघाटी के महबूब आलम, उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचोंदी के लोकेश कुमार तथा प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, पोठिया के सहादत हुसैन अंसारी शामिल हैं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार, सरकारी आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता तथा विद्यार्थियों के हितों की उपेक्षा का मामला मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। सभी शिक्षकों को आरोप-पत्र जारी करते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित एवं पारदर्शी उपस्थिति सुनिश्चित करना है। डिजिटल प्रणाली के दुरुपयोग को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभागीय सूत्रों के अनुसार अब अन्य शिक्षकों की उपस्थिति का भी सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में यदि इसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने दोहराया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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