डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने किया सुल्तानगंज और शाहकुंड का दौरा, बाढ़ और सुखाड़ से तबाह किसानों के लिए मुआवजे की मांग
भागलपुर, 26 अगस्त (हि.स.)। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सह समतुल्य कैबिनेट मंत्री डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने बुधवार को सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र के सुल्तानगंज और शाहकुंड प्रखंड के विभिन्न गांवों का सघन दौरा किया।
क्षेत्र का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि इलाके के किसान इस समय बाढ़ और सुखाड़ की दोहरी मार झेलकर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। सरकार और प्रशासन को अविलंब इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
डॉ. हिमांशु ने बताया कि सुल्तानगंज प्रखंड के किशनपुर, खेरैहिया, इंग्लिश चिचरौन, महेशी और तिलकपुर आदि पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसने से खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि मवेशियों के लिए चारा मिलना भी दुर्लभ हो गया है।
उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा अब तक प्रभावित इलाकों में पशु चारे की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन अविलंब फसल क्षति का सही आकलन कर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दे।
दौरे के बाद चक्रपाणि हिमांशु ने कहा कि सुल्तानगंज विधानसभा के ही कुछ हिस्सों में इसके विपरीत हालात हैं। वहां धान की पटवन के लिए पानी न मिलने के कारण फसलें सूख रही हैं। उन्होंने कहा, किसान कभी बाढ़, कभी सुखाड़ तो कभी बेमौसम बारिश की मार झेलने को मजबूर हैं। खेती के समय यूरिया और बीज महंगे हो जाते हैं, और जब फसल तैयार होती है तो किसानों को उसका उचित दाम नहीं मिलता।
डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने कहा कि इन लगातार आ रही समस्याओं के कारण किसान कर्ज के दलदल में फंस रहे हैं। आर्थिक तंगी की वजह से वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और बेटियों की शादी तक ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे अन्नदाताओं के हित में अविलंब कोई ठोस और दूरगामी निर्णय लें, जिससे किसान सम्मानपूर्वक अपना जीवन-यापन कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

