कटिहार बाढ़ संकट: विस्थापित परिवारों को सुरक्षित निकालने के कड़े निर्देश, मुफ्त भोजन-दवा के साथ मिलेगी ₹7000 की आर्थिक मदद
कटिहार, 07 सितंबर (हि.स.)। गंगा, कोशी और सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कटिहार जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं।
हालात से निपटने के लिए जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों संग समीक्षा बैठक कर आपदा प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत तत्काल राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी सुपात्र प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की आनुग्रहित राहत राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर केवल सत्यापित व जीवित एकल मुखिया के नाम दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोहरी या फर्जी प्रविष्टि न हो सके।
विस्थापितों के लिए चिन्हित स्थलों पर तुरंत सामुदायिक रसोई शुरू करने का आदेश दिया गया है। रसोई में आने वालों का अनिवार्य पंजीकरण किया जाएगा और व्यवस्था की फोटो-वीडियो उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। शिविरों में पूड़ी और तले हुए खाद्य पदार्थों के वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुबह-शाम तय मानक के तहत दाल, चावल और सब्जी का पका हुआ भोजन दिया जाएगा। रसोइयों को श्रम विभाग की निर्धारित दर पर पारिश्रमिक मिलेगा।
बाढ़ में फंसे लोगों को निकालना प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता तय की गई है। इसके लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था की जा रही है। केवल निबंधित नावों का परिचालन होगा, जिन पर लाल झंडे के साथ 'सरकारी नाव निःशुल्क सेवा' लिखा होना अनिवार्य रहेगा। नावों पर ओवरलोडिंग पर सख्त रोक रहेगी और सूर्यास्त के बाद परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करते हुए शिविरों में जीवन रक्षक दवाएं, सर्पदंश रोधी इंजेक्शन, टीके और हैलोजन टैबलेट का भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुदूर क्षेत्रों के लिए बोट एंबुलेंस तैनात रहेगी और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को समय रहते निकालकर अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराने तथा वृद्धों व दिव्यांगों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा शिविरों में टैंकर से पेयजल, अलग-अलग शौचालय, मवेशियों के लिए चारा, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और फसल नुकसान के त्वरित आकलन का भी आदेश जारी हुआ। बैठक में अपर समाहर्ता, मनिहारी एसडीएम, सिविल सर्जन, बीडीओ, सीओ और सभी मुखिया उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

