आत्मनिर्भर बनने को सात मत्स्य पालकों को मिला ई-रिक्शा

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आत्मनिर्भर बनने को सात मत्स्य पालकों को मिला ई-रिक्शा


बक्सर, 13 मार्च (हि.स.)। मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई। शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी साहिला ने मत्स्य परिवहन वाहन योजना 2025-26 के तहत 7 थ्री-व्हीलर ई-रिक्शा का हरी झंडी दिखाकर वितरण किया।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस योजना से मत्स्य पालकों, मछुआरों और मत्स्य विक्रेताओं को स्वावलंबन का अवसर मिलेगा। उन्होंने लाभुकों से ई-रिक्शा का सही उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे मछलियों का सुरक्षित परिवहन संभव होगा और ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

अपर समाहर्ता ने बताया कि इस योजना के तहत मछलियों को जल स्रोतों से बाजार तक आइस बॉक्स में सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। इससे मछुआरों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को ताजी एवं हाइजेनिक मछली उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेगी।

जिला मत्स्य पदाधिकारी ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत प्रति यूनिट 3 लाख रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान सरकार द्वारा एजेंसी को दिया जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि लाभुक द्वारा वहन की जाएगी। यह योजना मत्स्य व्यवसाय को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार ओझा

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