हड़ताली राजस्व अधिकारियों को अंतिम चेतावनी, 10 अप्रैल तक काम पर लौटें, नहीं तो जाएगी नौकरी : विजय सिन्हा

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हड़ताली राजस्व अधिकारियों को अंतिम चेतावनी, 10 अप्रैल तक काम पर लौटें, नहीं तो जाएगी नौकरी : विजय सिन्हा


हड़ताली राजस्व अधिकारियों को अंतिम चेतावनी, 10 अप्रैल तक काम पर लौटें, नहीं तो जाएगी नौकरी : विजय सिन्हा


- जनता के काम से समझौता नहीं, हड़ताली अधिकारियों पर सख्त सरकार

- उपमुख्यमंत्री बोले, दबाव की राजनीति नहीं चलेगी, हड़ताल खत्म करें अधिकारी

- छह दौर की वार्ता बेनतीजा, अब सख्ती के मूड में सरकार

पटना, 09 अप्रैल (हि.स.)। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में चल रही हड़ताल को लेकर उप मुख्यमंत्री सह मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने गुरूवार काे सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अराजकता फैलाने वाली मानसिकता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक हड़ताली अंचल एवं राजस्व अधिकारियों के प्रतिनिधियों से छह बार वार्ता कर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास कर चुकी है, लेकिन दबाव की राजनीति से कोई हल नहीं निकल सकता।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उनके और प्रधान सचिव सीके अनिल के स्तर पर लगातार संवाद जारी रहा है। बुधवार को रात नौ बजे तक विभागीय कार्यालय में बैठकर विस्तृत बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि अंचल और राजस्व अधिकारी विभाग के अभिन्न अंग हैं और उनकी जायज समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि जो मांगें नीतिगत या विभागीय कारणों से पूरी नहीं हो सकतीं, उन पर अड़े रहना उचित नहीं है। किसी भी परिस्थिति में नियमों के विरुद्ध कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने हड़ताल को लेकर कुछ लोगों पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे आम जनता को परेशानी होती है और जनता की पीड़ा किसी के लिए खुशी का कारण नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य में सरकार पहले भी एनडीए की थी, वर्तमान में भी है और आगे भी बनी रहेगी।

उपमुख्यमंत्री ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि वर्तमान में 589 राजस्व सेवा अधिकारी कार्यरत हैं, जिनकी बदौलत हड़ताल के बावजूद काम जारी है। इस दौरान दाखिल-खारिज के 23,449, परिमार्जन के 96,469 और ई-मापी के 14,220 मामलों का निष्पादन किया गया है। सरकार ने हड़ताली अधिकारियों को अंतिम मौका देते हुए कहा है कि 10 अप्रैल शुक्रवार शाम तक काम पर लौटने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी और उनकी पदोन्नति की संभावना भी बनी रहेगी। लेकिन, तय समय के बाद भी काम पर नहीं लौटने वाले अधिकारियों की नौकरी ब्रेक कर दी जाएगी और उनके प्रति सहानुभूति समाप्त मानी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो आम जनता के हित में सरकार नई बहाली की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है, ताकि राजस्व कार्य बाधित न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

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