अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी, कार्यपालक सहायकों ने कहा—अब आश्वासन नहीं, अधिकार चाहिए
सुपौल, 13 सितंबर (हि.स.)। कार्यपालक सहायकों की लंबित मांगों और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की जिला इकाई सुपौल की बैठक रविवार को स्थानीय बीएसएस कॉलेज परिसर में हुई। जिला उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संगठन को प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर तक मजबूत करने के साथ ही विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि अगले 15 दिनों के भीतर जिले के सभी प्रखंडों एवं अनुमंडलों में संगठन का विस्तार किया जाएगा। साथ ही सभी विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायकों के लिए समूह स्वास्थ्य बीमा और कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने की मांग को लेकर सरकार को अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया गया।
संघ ने कार्यपालक सहायकों को हटाकर उनकी जगह आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मियों की सेवा लेने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की बात कही। संघ का कहना है कि कार्य समीक्षा अथवा वित्तीय बोझ का हवाला देकर कार्यपालक सहायकों को हटाने की धमकी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अलावा ईपीएफ, अवकाश सहित अन्य वैधानिक एवं देय सुविधाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भी चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।
संघ के जिला उपाध्यक्ष रोहन कुमार ने कहा कि 26 अगस्त 2025 को हुई 36वीं शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव पर अगली बैठक में प्राथमिकता के आधार पर विचार करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, बीपीएसएमएस के साथ हुई वार्ता में मानदेय बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को हुई 37वीं शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित कर तीन माह के भीतर अनुशंसा देने का निर्णय लिया गया था। संघ का आरोप है कि निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद इस दिशा में अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
रोहन कुमार ने कहा कि “अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए” । जिला अध्यक्ष ने कहा कि अक्टूबर 2026 मेराज्य संघ के आह्वान पर सुपौल जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायक राज्यव्यापी आंदोलन में शामिल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाते हुए पटना में राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
संघ ने कहा कि पिछले करीब 15 वर्षों से संविदा के आधार पर कार्यपालक सहायकों से नियमित और महत्वपूर्ण सरकारी कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उनकी सेवा-सुरक्षा एवं अन्य अधिकारों को लेकर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है। संघ ने संविदा व्यवस्था की समीक्षा कर कार्यपालक सहायकों को सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा एवं बेहतर सुविधाएं देने की मांग की।
बैठक को संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल कुमार ने भी संबोधित किया। बैठक में संगठन को मजबूत करने तथा आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए कार्यपालक सहायकों से एकजुट रहने का आह्वान किया गया। संघ ने स्पष्ट किया कि अब आश्वासन के बजाय अधिकार और सेवा-सुरक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

