आय से 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति मामले में सीवान के उत्पाद निरीक्षक पर ईओयू का शिकंजा
सीवान, 09 जुलाई (हि.स.)। बिहार पुलिस मुख्यालय (आर्थिक अपराध प्रभाग) की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने सीवान में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड उर्फ अंकेश राज गोंड के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-13/26 दर्ज कर गुरुवार को सीवान और पटना, मुंगेर स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
ईओयू के अनुसार वर्ष 2005 में उत्पाद सहायक अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त अंकेश गोंड के विरुद्ध प्रारंभिक जांच में ज्ञात आय से 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
ईओयू ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर दानापुर स्थित आवास, मुंगेर के पैतृक घर व व्यवसायिक भवन, सीवान स्थित उत्पाद विभाग के कार्यालय कक्ष तथा किराये के आवास सहित कुल पांच स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी में पता चला कि आरोपी ने सेवाकाल के दौरान तीन भूखंड और एक मकान खरीदा है। दानापुर के सुल्तानपुर में करीब दो कट्ठा जमीन पर बने तीन मंजिला मकान की अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है।
भवन का विस्तृत मूल्यांकन कराया जाएगा। छापेमारी के दौरान इनोवा क्रिस्टा कार, चार मोटरसाइकिलों की खरीद से जुड़े दस्तावेज, म्यूचुअल फंड में निवेश के साक्ष्य, आभूषण खरीद की रसीदें तथा ससुर के नाम पर खरीदी गई हुंडई आई 10 कार के कागजात बरामद हुए हैं। दानापुर स्थित आवास से टाटा अल्ट्रोज कार और 60 हजार रुपये नकद भी मिले हैं।
ईओयू के अनुसार, आरोपी एवं उसके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में आठ खाते और पीपीएफ में करीब 54 लाख रुपये जमा मिले हैं, जिन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी शेष है। जांच में यह भी सामने आया कि मुंगेर में मकान सहित खरीदे गए व्यवसायिक भूखंड के लिए लगभग 1.40 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इसके लिए कोई गृह ऋण नहीं लिया गया।
ईओयू का दावा है कि यह राशि आरोपी की पूरी सेवा अवधि में प्राप्त वेतन से भी अधिक है। ईओयू के अनुसार, रिश्तेदार के नाम से खरीदी गई महिंद्रा स्कॉर्पियो का उपयोग स्वयं उत्पाद निरीक्षक करते थे। यह वाहन छापेमारी के दौरान मुंगेर स्थित आवास पर मिला। इसके अलावा पांच बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज, जिनका वार्षिक प्रीमियम करीब तीन लाख रुपये है, भी जब्त किए गए हैं।
आरोपी के तीनों बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च की भी जांच की जा रही है। बिहार पुलिस मुख्यालय (आर्थिक अपराध प्रभाग) ने कहा है कि जब्त दस्तावेजों की जांच जारी है और आय से अधिक संपत्ति के और साक्ष्य मिलने की संभावना है। मामले की सूचना उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग तथा निबंधन विभाग को भी भेजी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

