48 घंटे बाद भी नहीं मिला इंजीनियरिंग छात्र साहिल, परिजनों ने जताई साजिश की आशंका

WhatsApp Channel Join Now
48 घंटे बाद भी नहीं मिला इंजीनियरिंग छात्र साहिल, परिजनों ने जताई साजिश की आशंका


किशनगंज, 10 जुलाई (हि.स.)। सदर थाना क्षेत्र के सिमलबाड़ी स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र साहिल कुमार सहनी के महानंदा नदी में लापता होने का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है।

घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद छात्र का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।एसडीआरएफ की टीम लगातार महानंदा नदी में सर्च अभियान चला रही है, जबकि परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए सदर थाना में आवेदन देकर निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है।

शुक्रवार को साहिल के बड़े भाई राहुल कुमार, माता-पिता और अन्य परिजन सदर थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि घटना के समय साहिल के साथ मौजूद तीनों छात्रों ने अलग-अलग जानकारी दी, जिससे उनकी भूमिका पर संदेह पैदा हो रहा है।

परिजनों का कहना है कि घटना के संबंध में उन्हें लगातार गुमराह किया गया और सही जानकारी नहीं दी गई। आवेदन में परिजनों ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

साथ ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के लिए मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगालने की भी मांग की गई है। सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि लापता छात्र के परिजनों से आवेदन प्राप्त हुआ है।

आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

साहिल कुमार सहनी पटना जिले के बिहटा का निवासी था और सिमलबाड़ी स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में फोर्थ ईयर के अंतिम सेमेस्टर का छात्र था। वह वर्ष 2023 से कॉलेज में अध्ययनरत था।

परिजनों के अनुसार, छुट्टी समाप्त होने के बाद वह 26 जून को कॉलेज लौटा था। उसी दिन परिवार से उसकी अंतिम बार बातचीत हुई थी और तब किसी भी तरह की परेशानी का संकेत नहीं मिला था।

परिजनों ने यह भी बताया कि साहिल को तैरना नहीं आता था और वह सामान्यतः नदी में नहाने से परहेज करता था।

गौरतलब है कि 8 जुलाई को वह अपने तीन दोस्तों के साथ महानंदा नदी गया था। इसी दौरान उसके नदी में डूबकर लापता होने की सूचना मिली। सूचना के बाद पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन लगातार तलाश के बावजूद अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Share this story