शहर का हृदय स्थल वेरायटी चौक अतिक्रमण का शिकार

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शहर का हृदय स्थल वेरायटी चौक अतिक्रमण का शिकार


भागलपुर, 25 मई (हि.स.)। भागलपुर का हृदय स्थल वैरायटी चौक इन दिनों अतिक्रमण का शिकार है। जिस कारण यहां जाम की समस्या लगातार बनी रहती है।

इस हृदय स्थल पर कई वर्षों से अनावश्यक आघात ह रहा है। जिसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ता है। यह शहर का इकलौता चौराहा है, जहां से लगभग पूरा शहर दिनभर आना-जाना करता है। लगभग सभी प्रकार की व्यापारिक गतिविधियां इसी चौराहे से जुड़ी हुई है।

पूरे शहर का सबसे व्यस्त चौराहा भी है और इसके आसपास स्थाई रूप से रहने वाले लोग कम हैं। दिन भर में हजारों लोग इस होकर आना-जाना करते हैं। अपने दिन भर की हर व्यापारै गतिविधि या किसी काम से जरूर इस चौक पर आते हैं। इसी हृदय स्थल की स्थिति कई वर्षों से दयनीय बनी हुई है।

चौराहे के आसपास हर तरफ हमेशा अतिक्रमण बना रहता है। यहां विभिन्न प्रकार के सीजनल सामान बिकते हैं। थोड़ी सी बरसात में भी जबरदस्त जल जमाव हो जाता है। यहां जाम की समस्या इतनी अधिक है कि कुछ देर के लिए हिलना भी मुश्किल रहता है। चारों तरफ से ऐसा जबरदस्त जाम लगता है कि लोग कई घंटे फंसे रहते हैं। आजकल तो यहां रविवार के दिन भी अस्थाई बाजार लग जाता है।

शहर के हृदय स्थल वैरायटी चौक से लगभग समूचा शहर जुड़ा हुआ है। व्यापारिक दृष्टि कौन से आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण जगह है। लगभग सभी बैंकों की मुख्य ब्रांच भी इसी आसपास में मौजूद है। सभी बड़े शोरूम यहां मौजूद हैं। फिर भी सुरक्षा, सफाई और व्यवस्था की दृष्टिकोण से किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा किसी भी व्यक्ति को नहीं मिलती है। यहां कोई यूरीनल भी नहीं है। किसी भी महिला, पुरुष, बुजुर्ग या बच्चों के पीने का कोई पानी उपलब्ध है। तुरंत कोई घटना घट जाए तो एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड या प्रशासन की गाड़ी पहुंचने की बात करना बेमानी है। हर तरफ गलियों का जाल है और सभी गलियों में भयंकर जाम है। हर तरफ अतिक्रमण है।

ध्वनि और वायु प्रदूषण का तो कहना ही क्या है। जगह जगह कचरों का अंबार लगा रहता है। पशु भी यहां आराम से चले आते हैं। दोपहर के बाद यह स्थल इनका साम्राज्य हो जाता है। जिससे हमेशा महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग चोटिल होते हैं। नगर निगम को आयकर विभाग को लगभग सभी सरकारी विभाग को सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाला भी यही इलाका है। व्यावसायिक संस्था चेंबर ऑफ कॉमर्स को भी इस पर अभियान के रूप में इसे प्राथमिकता देते हुए इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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