अभिभावक गोष्ठी में शिक्षा के साथ संस्कार पर दिया गया जोर

WhatsApp Channel Join Now
अभिभावक गोष्ठी में शिक्षा के साथ संस्कार पर दिया गया जोर


अभिभावक गोष्ठी में शिक्षा के साथ संस्कार पर दिया गया जोर


सुपौल, 12 अक्टूबर (हि.स.)। बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग जरूरी है। इसी उद्देश्य से रविवार को प्रभा कृपा सरस्वती शिशु मंदिर, बलुआ बाजार की ओर से गुरधरिया में अभिभावक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी श्री शंकर पासवान के दरवाजे पर आयोजित हुई, जिसमें सैकड़ों अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, उनके व्यवहार, संस्कार और सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय में मिलने वाली शिक्षा को लेकर अपने विचार रखे। गोष्ठी का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के सहसचिव गुड्डू मंडल विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार सिंह ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। बचपन में मिलने वाली शिक्षा और संस्कार बच्चों के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में विद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भी अहम भूमिका होती है। यदि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान दें और विद्यालय के शिक्षकों के संपर्क में रहें, तो बच्चों की कमजोरियों को समय रहते दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को निखारने में भी मदद मिलती है। प्राचार्य ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दोनों पक्षों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। घर में अच्छा वातावरण, नियमित अध्ययन की आदत और अनुशासित दिनचर्या बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती है।

गोष्ठी में बच्चों की शिक्षा, व्यवहार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से कार्यक्रम का माहौल सकारात्मक बना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के साथ संस्कारों को महत्व देने तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों का संदेश दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

759647 Articles

Share this story