कस्तूरबा विद्यालयों में कम उपस्थिति पर शिक्षक घर जाकर अभिभावकों से करेंगे संपर्क

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कस्तूरबा विद्यालयों में कम उपस्थिति पर शिक्षक घर जाकर अभिभावकों से करेंगे संपर्क


कस्तूरबा विद्यालयों में कम उपस्थिति पर शिक्षक घर जाकर अभिभावकों से करेंगे संपर्क


कस्तूरबा विद्यालयों में कम उपस्थिति पर शिक्षक घर जाकर अभिभावकों से करेंगे संपर्क


सारण, 10 जनवरी (हि.स.)।छपरा जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय में संपन्न हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूलों की आधारभूत संरचना, छात्रवृत्ति, और डिजिटल शिक्षा की प्रगति की गहन समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों में कक्षाओं के अनुरूप अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता का आकलन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर इसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए। जिन स्कूलों में भवन के ऊपरी मंजिल पर अतिरिक्त कमरे बनाने की तकनीकी संभावना है उनकी जाँच कराकर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया ताकि छात्रों को बैठने में असुविधा न हो। समीक्षा के दौरान इसुआपुर, मढ़ौरा और मशरख के कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं की कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन छात्राओं की उपस्थिति कम है, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क कर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। केजीबीवी की छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और मार्गदर्शन के लिए जिले की महिला वरीय उप-समाहर्ता एवं अन्य महिला अधिकारी स्कूलों में जाकर मोटिवेशनल सेशन लेंगी। सभी शिक्षिकाओं और छात्राओं के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति के मामलों में देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2024-25 के SC/ST स्कॉलरशिप के लंबित मामलों का 10 दिनों के भीतर निपटारा करें। वर्ष 2025-26 के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति कार्यों में तेजी लाएं। जिले के 53% बच्चों की अपार आई डी बन चुकी है, शेष बच्चों के लिए और आधार कार्ड हेतु स्कूलों में रोस्टर बनाकर कैंप लगाने का आदेश दिया गया। जिले में शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में 64 विद्यालयों में आई सी टी लैब और 117 में स्मार्ट क्लास चल रहे है। जिलाधिकारी ने 115 और चयनित विद्यालयों में नए आई सी टी लैब स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने इन लैब्स के लिए एक आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार करने की भी बात कही।

जिलाधिकारी ने विभाग को निर्देश दिया कि शिक्षा से जुड़ी शिकायतों को श्रेणीवार बांटकर उनका ससमय समाधान सुनिश्चित करें। सेवा संबंधी मामलों और लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आदेश दिया गया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

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