ड्रोन तकनीक किसानों के लिए वरदान : डॉ. मृणाल
कटिहार, 07 जनवरी (हि.स.)। कृषि विज्ञान केंद्र कटिहार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ मृणाल वर्मा ने बताया कि ड्रोन तकनीक किसानों के लिए लाभकारी है। इससे किसान अपने खेत में कीटनाशी रसायनों का छिड़काव कर सकते हैं और विभिन्न रोगों की रोकथाम कर सकते हैं।
ड्रोन तकनीक मक्के और मखाने की फसल में काफी लाभदायक हो सकती है, क्योंकि मक्के की ऊंचाई अधिक होने के कारण किसान उस खेत में स्प्रे नहीं कर पाते थे और साथ ही साथ मखाना की फसल में पानी में स्प्रे करने में किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। ड्रोन तकनीक के आ जाने से किसानों के बीच इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
डॉ. मृणाल ने बताया कि श्रमिक की समस्या होने के कारण भी किसान अपने फसलों में स्प्रे नहीं कर पाते थे और लागत भी काफी ज्यादा लगती थी, इस समस्या से किसानों को छुटकारा मिलेगा। इफको कटिहार के उर्वरक सहायक सोनू कुमार मिश्रा ने किसानों के बीच में ड्रोन चला कर ड्रोन का प्रदर्शन करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र कटिहार के फॉर्म में लगे गेहूं की फसल में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी और सागरिका का स्प्रे करके किसानों को दिखाया।
इस अवसर पर डॉ. सुशील कुमार सिंह ने ड्रोन के जरिए विभिन्न फसलों में शस्य प्रबंधन विषय पर उपस्थित किसानों को जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने किसानों को ड्रोन की उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम सहायक स्वर्ण प्रभा रेड्डी ने रबी फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर जानकारी दी।
इफको कटिहार के उर्वरक सहायक धनंजय कुमार ने किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के संबंध में किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने ड्रोन तकनीक के बारे में जानकारी प्राप्त की और इसका लाभ उठाने का संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

