केंद्र और राज्य का डबल इंजन सहयोग बिहार को चौतरफा विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा : मुख्यमंत्री
पटना, 17 जून (हि.स.) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में राज्य के कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हुये विभिन्न विषयों पर उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य का डबल इंजन सहयोग बिहार को चौतरफा विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा-मुख्यमंत्री
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार के विकास के लिए बैकलॉग राशि जारी की गई है। इस सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति विशेष आभार व्यक्त करता हूं। मनरेगा बकाए के भुगतान का निर्णय ग्रामीण श्रमिकों के हित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है। मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान केंद्र सरकार के सहयोग से 30 जून से पहले करने पर सहमति बनी है। राज्य में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी वीबी जी राम जी योजना आगामी 1 जुलाई से पूरी तरह लागू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, 2.0 के तहत हमलोगों ने बिहार में 01 करोड़ 4 लाख लोगों को चिन्हित किया, जिसमें 60 लाख लोग योग्य पाये गये है। हमारा आग्रह है कि 60 लाख गरीब परिवारों को जल्द से जल्द पक्का घर मिल जाय। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत राज्य में आवास निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाएगी, जिसके अंतर्गत नए वित्तीय वर्ष में पहला मकान बिहार को मिलना तय हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की आजीविका योजना के तहत जीविका दीदी को
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आदर्श केन्द्र की स्थापना किये जाने की जरूरत है, जिसमें बक्सर एवं लखीसराय में टमाटर तथा प्याज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का आग्रह करता हूं। कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य में विशेष रूप से प्याज, टमाटर, आम आदि कृषि उत्पाद लिए 'आदर्श केंद्रों' की स्थापना की जाएगी। बागवानी क्षेत्र तथा गेहूं एवं धान के उत्पादन को आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है।
बिहार के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राज्य के फलों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाएगा। बिहार में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। वैश्विक स्तर पर मखाना की बढ़ती मांग को देखते हुए मखाना बोर्ड के निर्माण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो, इसमें आपके सहयोग की आवश्कता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार कृषि रोड मैप को अपनाने वाला देश का पहला राज्य रहा है। इसी गौरव को आगे बढ़ाते हुए अब एकीकृत खेती पर विशेष जोर दिया जाएगा और बिहार को इसके लिए एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यावरण संतुलन और कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए विभिन्न वॉटरशेड परियोजनाओं और मिट्टी संरक्षण कार्यक्रमों को तेजी से धरातल पर उतारा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन और सबका साथ, सबका विकास के संकल्प के साथ काम कर रही है। कृषि और ग्रामीण विकास हमारे राज्य की आत्मा हैं। समय की महत्ता और उपयोगिता को समझते हुए हमारी प्रशासनिक टीम बिना किसी समझौते के, पूरी पारदर्शिता के साथ इन योजनाओं को जनता तक पहुंचाएगी। केंद्र और राज्य का यह डबल-इंजन सहयोग बिहार को चौतरफा विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सब चाहते है आप हमेशा बिहार आते रहें, आपके अनुभव का लाभ तथा आपका सहयोग हमारे राज्यवासियों को मिलता रहे।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बातों पर अपनी सहमति जताते हुये आश्वासन दिया कि बिहार को कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व में केन्द्र सरकार का पूर्ण सहयोग मिलता रहेगा।
इस अवसर पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

