विरासत संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी, प्राचीन पांडुलिपियां करें साझा : डीएम

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विरासत संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी, प्राचीन पांडुलिपियां करें साझा : डीएम


विरासत संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी, प्राचीन पांडुलिपियां करें साझा : डीएम


सीवान, 24 अप्रैल (हि.स.)।

ज्ञान भारतम् मिशन के तहत ऐतिहासिक पांडुलिपियों के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान के क्रम में जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय शुक्रवार को सदर प्रखंड के धनौती गांव पहुंचे। उन्होंने कबीर पंथ से जुड़े प्राचीन मठ में संरक्षित पांडुलिपियों का अवलोकन किया और लोगों से इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने में सहयोग की अपील की।

इस अवसर पर डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि “हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में आम लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिनके पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियां हैं, वे उन्हें ज्ञान भारतम् पोर्टल पर अपलोड करें या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि उनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जा सके।”

उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत देशभर में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी पांडुलिपियों का संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, जिससे यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके।

धनौती स्थित कबीर मठ के भ्रमण के दौरान आचार्य महंत गुरु प्रसाद गोस्वामी एवं उत्तराधिकारी महंत आमोदशरण गोस्वामी ने बताया कि यह मठ अत्यंत प्राचीन है और संत कबीर दास के शिष्य भगवान गोस्वामी की कर्मस्थली रहा है। यहीं कबीरदास के बीजक का संकलन किया गया था, जिससे इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व और बढ़ जाता है।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और रसमंजरी फाउंडेशन के सहयोग से पांडुलिपियों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे स्थानीय लोगों ने काफी सराहा।

मौके पर सदर एसडीएम आशुतोष गुप्ता, जिला दूरसंचार समिति सदस्य गणेश दत्त पाठक, मुखिया प्रतिनिधि इंजीनियर विनय चौहान, बीपीआरओ राजनंदिनी, शिक्षक चंदन कुमार, डॉ. राम सूरत प्रसाद सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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