खनुआ नाला और ड्रेनेज सिस्टम का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
सारण, 09 अप्रैल (हि.स.)। आगामी मानसून और बरसात के मौसम में शहरवासियों को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने नगर निगम, बुडको, आरसीडी और पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों, खनुआ नाला और प्रमुख ड्रेनेज प्वाइंट्स का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खनुआ नाले पर बनी अवैध झोपड़ियों और अतिक्रमण को देख नाराजगी जताई। उन्होंने अंचलाधिकारी सदर को प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। रूपगंज स्थित आईपीएस-1 और स्लुइस गेट की जांच करते हुए उन्होंने पाया कि निर्मित नाले और आईपीएस के बीच लगभग 50 मीटर का गैप है।
डीएम ने इस हिस्से में तत्काल पक्का नाला निर्माण को कार्ययोजना में शामिल करने का आदेश दिया। साथ ही जटहि पोखरा के पास जल निकासी में बाधा बन रहे अतिक्रमण को भी शीघ्र साफ करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु में भी एसटीपी और आईपीएस पूरी क्षमता के साथ क्रियाशील रहने चाहिए।
इसके लिए उन्होंने आवश्यकतानुसार जाली और फिल्टर लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी भिखारी ठाकुर चौक, छोटी तेलपा, गड़खा ढाला और 50 बी ढाला भी पहुंचे। उन्होंने रेलवे लाइन के किनारे स्थित नालों की सफाई के लिए रेलवे के साथ समन्वय स्थापित कर कलवर्ट से सीधे जोड़ने की बात कही।
इसके अलावा, कारिंगा में तेल नदी तक नाले की गहरी उड़ाही मनरेगा के माध्यम से कराने हेतु उपविकास आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई। शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को और सटीक बनाने के लिए पूरे छपरा शहर का ड्रोन सर्वे कराया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सर्वे के आधार पर नगर निगम के साथ पुनः बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जल निकासी की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर नगर आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, बुडको के परियोजना निदेशक और आरसीडी के कार्यपालक अभियंता समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

