सारण में जनगणना ड्यूटी से गायब रहे 106 पंचायत सचिव को जिलाधिकारी ने वेतन काटने का दिया आदेश
सारण, 20 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य में लापरवाही और आदेश की अवहेलना करने पर छपरा के जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कड़ा रुख अपनाया है।
डीएम ने कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप में जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत कुल 106 पंचायत सचिवों पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत 1,000 रूपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।
जिलाधिकारी के आदेशानुसार जुर्माने की यह राशि संबंधित पंचायत सचिवों के वेतन से काटी जाएगी और इस दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख उनकी सेवा पुस्तिका में भी अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। जनगणना कार्य में सहयोग न करने पर गत 6 मई को सभी आरोपी पंचायत सेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से तामिला कराते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया था। जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा सौंपे गए तामिला प्रतिवेदन के अनुसार निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी किसी भी पंचायत सेवक ने न तो कार्य में योगदान दिया और न ही नोटिस का कोई जवाब प्रस्तुत किया।
जिलाधिकारी ने इस रवैये को राष्ट्रीय कार्य में बाधा और प्रशासनिक आदेश की खुली अवहेलना मानते हुए जनगणना अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग कर यह कार्रवाई की है। इस अधिनियम के तहत आर्थिक दंड के साथ अधिकतम तीन वर्ष के कारावास का भी प्रावधान है। कार्रवाई की जद में आए सचिवों में सर्वाधिक मांझी के दस, दरियापुर के नव, गरखा के आठ, छपरा, सोनपुर, जलालपुर और बनियापुर के सात-सात, अमनौर के छह, दिघवारा, मशरक व परसा के पांच-पांच सचिव शामिल हैं। इसके अलावा रिविलगंज, एकमा, तरैया, मढ़ौरा के चार-चार तथा इसुआपुर, मकेर, पानापुर, नगरा के तीन-तीन और लहलादपुर के दो पंचायत सचिवों पर गाज गिरी है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि जनगणना राष्ट्रीय स्तर का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही राष्ट्रहित की अवहेलना मानी जाएगी और भविष्य में भी ऐसी लापरवाही पर इससे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

