सारण में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सारण, 08 जून (हि.स.)। शारदीय खरीफ अभियान 2026 के तहत स्थानीय भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य स्तरीय लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए प्रसार कर्मियों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता जताते हुए किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा इसके दूरगामी लाभों से अवगत कराने पर विशेष जोर दिया।
जिला कृषि पदाधिकारी ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में धान बीज प्रत्यक्षण सहित सभी कृषि लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु तैयार कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान ने प्रतिभागियों को जलवायु अनुकूल खेती, हरी खाद और धान की सीधी बुआई की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा, सनई और मूंग लगाने की सलाह दी, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और यूरिया की बचत होने से लागत कम होती है।
इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें जिला अग्रणी बैंक पदाधिकारी, नाबार्ड प्रतिनिधि, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, इफको प्रतिनिधि, जिला मत्स्य पदाधिकारी और अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादकता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर आत्मा के उप परियोजना निदेशक द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

