रसोई गैस की निर्वाध आपूर्ति एवं कालाबाजारी पर रोक हेतु जिला प्रशासन कृतसंकल्पित
सहरसा, 24 मार्च (हि.स.)।
मध्य पूर्व एशिया में उत्पन्न वर्तमान संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत सरकार और जिला प्रशासन जिले के उपभोक्ताओं को रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन गैस आपूर्ति श्रृंखला की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी परिवार को कठिनाई का सामना न करना पड़े।इस संबंध में मंगलवार को जिला जन सम्पर्क कार्यालय मे डीपीआरओ द्वारा प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर मीडिया कर्मियों को जानकारी दी।
उन्होने कहा कि जिले में कार्यरत तीनों प्रमुख ऑयल मार्केटिंग कंपनियों-इण्डेन, भारतगैस और एचपी गैस से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।जिसके अंतर्गत जिले मे इण्डेन के कुल 17 वितरक कार्यरत हैं। वर्तमान में कुल लंबित रिफिल बुकिंग 9,666 है। हालांकि, औसतन 2,276 सिलेंडर प्रतिदिन की डिलीवरी दर के साथ, अधिकांश वितरकों के पास औसतन 4.25 दिनों का वैकलॉग है, जिसे जल्द ही सामान्य कर लिया जाएगा। वर्तमान में वितरकों के पास 5,160 सिलेंडर का ओपनिंग स्टॉक उपलब्ध है।जबकी एचपी गैस जिले के प्रमुख वितरकों के पास कुल 7,186 पेंडिंग बुकिंग्स हैं।
आपूर्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।वही भारतगैस के 10 प्रमुख वितरकों के पास मात्र 2,610 बुकिंग्स लंबित हैं, जो स्थिति के काफी हद तक सामान्य होने का संकेत है।जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, गैस की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले और कालाबाजारी में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है।
साथ ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न गैस एजेंसियों और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।इस दौरान कालाबाजारी करते पकड़े जाने पर संबंधित वितरक या व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग करें।जिला प्रशासन यह स्पष्ट करता है कि जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक और आपूर्ति पाइपलाइन में है। किसी ने शिकायत के लिए उपभोक्ता जिला आपूर्ति कार्याषय में संपर्क कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार

