आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर 20 पंचायतों के प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण
सुपौल, 01 अक्टूबर (हि.स.)। आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में सामुदायिक स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से जिले के चार प्रखंडों की 20 ग्राम पंचायतों में निर्धारित गतिविधियों के संचालन को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला परिषद सभागार, सुपौल में किया गया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक ने पंचायत स्तर पर आपदा जोखिम को कम करने के लिए समुदाय की भागीदारी और पूर्व तैयारी को आवश्यक बताया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों से निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज पदाधिकारी गयानंद यादव, अपर जिला पंचायत राज पदाधिकारी काली चरण, संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक, जिला समन्वयक तथा जीपीएसवीएस-बिआइएजी-यूनिसेफ से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।उन्मुखीकरण
कार्यक्रम में सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही एवं मरौना प्रखंड की चयनित ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव एवं संबंधित कार्यपालक सहायकों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के तहत संचालित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी गई। पंचायत स्तर पर संभावित आपदा जोखिमों की पहचान, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने तथा निर्धारित गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन को लेकर भी चर्चा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि आपदा के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए केवल प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्थानीय समुदाय और पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से चयनित ग्राम पंचायतों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

