मांस फैक्ट्री बंद करने को लेकर धरना-प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब,प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद हुआ प्रदर्शन

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मांस फैक्ट्री बंद करने को लेकर धरना-प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब,प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद हुआ प्रदर्शन


अररिया 28 सितम्बर(हि.स.)।

जिले के सिमराहा थाना क्षेत्र के सिरसिया में संचालित तीन मांस फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण और दुर्गंध के साथ पर्यावरण संकट को लेकर सोमवार को आयोजित धरना प्रदर्शन में हजारों की संख्या में जन सैलाब उमड़ पड़ा।

बड़े से परिसर में लगाए गए पंडाल में बड़ी संख्या में महिला पुरुषों के साथ ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रही। धरना प्रदर्शन में स्थानीय विधायक मनोज विश्वास भी शामिल हुए और मांस फैक्ट्री के कारण उठने वाले दुर्गंध और बढ़े प्रदूषण के साथ स्थानीय लोगों को हो रही बीमारी को लेकर जांच कर कार्रवाई की मांग की।

धरना प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक अनुमति प्रदान नहीं की गई थी,बावजूद इसके हजारों की संख्या में लोगों ने इसमें अपनी भागीदारी दी।धरना प्रदर्शन को लेकर बड़ी संख्या में जिला प्रशासन की ओर से धरना स्थल के साथ साथ तीनों मांस फैक्ट्री के इर्द गिर्द बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और बलों की प्रतिनियुक्ति की गई थी,ताकि किसी तरह की अनहोनी की घटना घटित न हो।

मौके पर विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि मांस फैक्ट्री का यह मामला कोई आज का मामला नहीं है।मांस फैक्ट्री से स्थानीय लोगों के जनजीवन पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और कई प्रकार की संक्रमित बीमारियों का प्रभाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को विधानसभा में भी उठा चुका हूं। इसके अलावा 7 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हरिपुर आगमन के दौरान भी इस समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा था तथा 15 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. राम चंद्र प्रसाद को भी ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया था।

लगातार आवाज उठाने के बावजूद जब ग्रामीणों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ, तो आज एक बार फिर ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनके साथ धरने पर बैठा हूं और इस जनांदोलन में ग्रामीणों के साथ हूं।उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए है।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुखिया सुनील मंडल ने कहा कि मांस फैक्ट्री के कारण लोगों के जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।इस फैक्ट्री के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है और अब यह बर्दाश्त के बाहर है।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक के पास फैक्ट्री की जांच और कार्रवाई को लेकर गुहार लगाई गई,लेकिन आमजनों की समस्या को नजरअंदाज किया गया।फलस्वरूप लोकतंत्र के इस हथियार के साथ जमीन पर उतरना पड़ा है और जब तक मांस फैक्ट्री को बंद नहीं किया जाता है,तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। धरना प्रदर्शन को बड़ी संख्या में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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