रुईधासा महाकाल मंदिर में मां कालरात्रि की आराधना, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

WhatsApp Channel Join Now
रुईधासा महाकाल मंदिर में मां कालरात्रि की आराधना, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु


किशनगंज, 17 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।

पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मां के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने मां कालरात्रि के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। नवरात्र के पहले दिन से ही महाकाल मंदिर में मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। यहां मां दुर्गा के साथ महाकाल बाबा की भी नियमित पूजा-अर्चना होती है। संध्या के समय आयोजित आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्तिभाव से माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नवरात्र को लेकर मंदिर में विशेष उत्साह का माहौल बना हुआ है।

पुरोहित गुरु साकेत ने बताया कि नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के कष्टों और बाधाओं को दूर कर उन्हें साहस तथा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। इसी कारण उन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है। उनका स्वरूप भले ही विकराल है, लेकिन वे भक्तों का कल्याण करने वाली और शुभ फल प्रदान करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि मां कालरात्रि की आराधना से भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होने की मान्यता है। श्रद्धालु सच्चे मन से पूजा-अर्चना कर माता से सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करते हैं।

नवरात्र की सप्तमी पर मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाने की धार्मिक परंपरा है। श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर प्रसाद अर्पित करते हैं। गुरु साकेत ने कहा कि नवरात्र का पर्व आस्था, साधना और आत्मिक शक्ति का संदेश देता है। मां कालरात्रि की आराधना के साथ मंदिर में भक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

762612 Articles

Share this story