स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बावजूद बेलवा व पोठिया पीएचसी में प्रतिनियुक्ति बरकरार

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किशनगंज, 19 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश और जिला प्रशासन की पहल के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेलवा एवं पीएचसी पोठिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति अब तक समाप्त नहीं की गई है।

विभागीय आदेश के अनुसार वर्ष 2025 में बाढ़ जैसी विशेष परिस्थितियों को देखते हुए की गई अस्थायी प्रतिनियुक्तियों को सामान्य स्थिति बहाल होने के बाद निरस्त किया जाना था, लेकिन जिले में यह व्यवस्था अभी भी जारी है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा सभी जिलाधिकारियों को जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि वर्ष 2025 में की गई चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति केवल आपातकालीन और अस्थायी व्यवस्था थी। अब परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ऐसी सभी प्रतिनियुक्तियों की समीक्षा कर उन्हें समाप्त किया जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि भविष्य में विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी चिकित्सक का जिला स्तर पर स्थानांतरण अथवा प्रतिनियुक्ति नहीं की जाएगी।

विभागीय पत्र के आलोक में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सिविल सर्जन को जिले में की गई चिकित्सकों की प्रतिनियुक्तियों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद पीएचसी बेलवा और पीएचसी पोठिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अब भी प्रतिनियुक्ति के आधार पर अपने पद पर कार्यरत हैं।

जानकारी के अनुसार दोनों प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मूल रूप से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) में पदस्थापित हैं, लेकिन प्रतिनियुक्ति के आधार पर पीएचसी का प्रभार संभाल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुसार ऐसी व्यवस्था को अब समाप्त किया जाना चाहिए था।

स्वास्थ्य विभाग ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि बिना विभागीय स्वीकृति के की गई प्रतिनियुक्तियों से प्रशासनिक और कानूनी जटिलताएं उत्पन्न होती हैं। कई मामलों में ऐसे निर्णय न्यायालय तक पहुंचे हैं, जिससे विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसी कारण विभाग ने दोहराया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं की जाएगी।

अब स्वास्थ्य विभाग के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद कार्रवाई लंबित रहने से स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में सिविल सर्जन की ओर से अब तक प्रतिनियुक्ति समाप्त किए जाने संबंधी कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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