जन शिक्षा नीति 2026 पर मंथन, एआईएसईसी ने एनईपी 2020 को बताया शिक्षा-विरोधी
भागलपुर, 10 मई (हि.स.)। गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र भागलपुर में रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विकल्प के रूप में प्रस्तावित जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण कन्वेंशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य, एनईपी 2020 और जन शिक्षा नीति 2026 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी यानी के जिला संयोजक रवि कुमार सिंह ने कहा कि संगठन शुरू से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विरोध करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति जन-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि एनईपी 2020 के खिलाफ देशभर में विचार-गोष्ठियां, सेमिनार, हस्ताक्षर अभियान और संसद मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही जन शिक्षा नीति 2026 को देश के छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के हित में बेहतर विकल्प बताया गया। कन्वेंशन में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा को निजीकरण से बचाने और सभी वर्गों के लिए समान एवं सुलभ शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प भी लिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

