बिना डॉक्टर-काउंसलर के चल रहा नशा मुक्ति केंद्र, निबंधन पर उठे सवाल
किशनगंज, 30 अप्रैल (हि.स.)। शहर के रूईधासा स्थित ‘हेल्प एंड होप नशा मुक्ति केंद्र’ के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि केंद्र बिना नियमित डॉक्टर और काउंसलर के ही संचालित हो रहा है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसका निबंधन कर दिया गया है।
हाल ही में केंद्र में हुए हंगामे के बाद की गई पड़ताल में सामने आया कि वहां न तो स्थायी रूप से कोई डॉक्टर मौजूद है और न ही काउंसलर। केंद्र के कर्मियों ने स्वयं बताया कि डॉक्टर 15 दिन में एक बार तथा काउंसलर करीब 7-8 दिनों में आते हैं। आपात स्थिति में डॉक्टर को ऑन-कॉल बुलाने की बात कही गई है। जबकि केंद्र में दो दर्जन से अधिक नशा पीड़ित युवक भर्ती हैं, जिनके लिए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि भारी शुल्क लेने के बावजूद मरीजों के इलाज में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। नशा मुक्ति के दौरान दी जाने वाली दवाओं से रिएक्शन का खतरा रहता है, ऐसे में विशेषज्ञ की अनुपस्थिति मरीजों की जान के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती है। कुछ दिन पूर्व बेलवा स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बावजूद जिले में संचालित अन्य केंद्रों की स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग ने किन मानकों के आधार पर इस केंद्र का 25 अप्रैल को निबंधन किया। क्या निबंधन प्रक्रिया के दौरान नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया गया था, या कागजी प्रक्रिया पूरी कर औपचारिकता निभा दी गई?
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

