निर्धारित समय से पूर्व और गुणवत्ता के साथ कार्यों का हो निष्पादन: विजय कुमार चौधरी

WhatsApp Channel Join Now
निर्धारित समय से पूर्व और गुणवत्ता के साथ कार्यों का हो निष्पादन: विजय कुमार चौधरी


-बिहार में बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारी तेज, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

पटना, 15 मई (हि.स.)। बिहार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सिंचाई भवन, पटना स्थित सभागार में उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, अभियंताओं और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ एवं अल्प वर्षा दोनों परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी तैयारियां तय समय से पहले पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारी कार्य समाप्ति की अंतिम तिथि का इंतजार न करें, बल्कि सभी परियोजनाओं और मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप समय से पहले पूरा करें। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्य पूरे होने पर उनका पुनर्मूल्यांकन भी किया जा सकेगा और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे तुरंत दूर किया जा सकेगा।

मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जानबूझकर लापरवाही या कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संभावित बाढ़ को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए विजय चौधरी ने कहा कि बाढ़ अवधि में तटबंधों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी तटबंधों की पूरी लंबाई पर लगातार पेट्रोलिंग और निरीक्षण किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की क्षति को समय रहते रोका जा सके।

मंत्री ने कहा कि छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे और आपदा का कारण बन सकती है। इसलिए क्षेत्रीय अधिकारी पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी कमजोर स्थान की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें। साथ ही जो कार्य अभी अधूरे हैं उन्हें शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बाढ़ प्रबंधन के लिए क्षेत्रीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से निरंतर संपर्क बनाए रखें। स्थानीय लोगों से मिलने वाली सूचनाएं कई बार संभावित खतरे को समय रहते पहचानने में मददगार साबित होती हैं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाई जाए और आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पहले से समन्वय स्थापित किया जाए।

बैठक में संभावित सुखाड़ और कम वर्षा की स्थिति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य की सभी नहर प्रणालियों का अंतिम छोर तक निरीक्षण किया जाए ताकि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले वर्ष नहरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाया था, उनकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और सुधार कार्य कराए जाएं। साथ ही इन कार्यों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने का भी निर्देश दिया गया।

विजय चौधरी ने कहा कि कई क्षेत्रों में नहरों पर अतिक्रमण और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण जल आपूर्ति बाधित होती है। ऐसे मामलों के समाधान के लिए जिला प्रशासन और विभागीय मुख्यालय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी बाधाओं को समय रहते दूर करना जरूरी है, ताकि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों से सीधे संवाद करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की वास्तविक समस्याओं और आवश्यकताओं को समझे बिना योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खेत स्तर तक जाकर किसानों की समस्याएं सुनें और यह सुनिश्चित करें कि सिंचाई परियोजनाओं एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी परिस्थिति में समझौता न किया जाए।

राज्य सरकार मानसून से पहले बाढ़ एवं सुखाड़ दोनों संभावित परिस्थितियों को लेकर पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है। बिहार के कई जिले हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं, जबकि कुछ इलाकों में अल्प वर्षा के कारण खेती प्रभावित होती है। ऐसे में सरकार दोनों चुनौतियों से एक साथ निपटने की रणनीति पर काम कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तटबंधों की निगरानी, नहरों की मरम्मत और प्रशासनिक समन्वय समय पर प्रभावी ढंग से किया गया तो इस वर्ष बाढ़ और सुखाड़ से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

Share this story