दरभंगा एयरपोर्ट को इंटरनेशनल बनाने की तैयारी तेज : सम्राट चौधरी
दरभंगा , 14 मई (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान इसका नाम मिथिला महाकवि बाबा विद्यापति के नाम पर रखने का भी प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में अगले सप्ताह उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्र सरकार की टीम भी शामिल होगी।
दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपे जाने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में पिछले वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2005 में जहां लगभग ढाई लाख लोग हवाई यात्रा करते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 50 लाख तक पहुंच चुकी है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार के चार से पांच करोड़ लोगों को हवाई यात्रा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है। मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सहरसा और वीरपुर एयरपोर्ट के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि पूर्णिया एयरपोर्ट का संचालन प्रारंभ हो गया है। इसके अलावा मुंगेर, भागलपुर और बेगूसराय में भी एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में एयरपोर्ट निर्माण संभव नहीं होगा, वहां आधुनिक हेलीपैड विकसित कर हेलीकॉप्टर सेवाओं को सुचारु बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, रेल और हवाई संपर्क व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने बिहार की टूटी हुई कनेक्टिविटी को जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एयरपोर्ट, एम्स और लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराकर विकास को गति दी है।
एम्स निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग 400 करोड़ रुपये तथा केंद्र सरकार द्वारा करीब 800 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1200 करोड़ रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि अशोक पेपर मिल क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस आग्रह का भी उल्लेख किया, जिसमें वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए छोटे कार्यक्रम आयोजित करने तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशासनिक खर्च कम करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनावश्यक खर्चों में कटौती आवश्यक है।
मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और मखाना की वैश्विक लोकप्रियता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार मखाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मिथिलांचल के उत्पाद अब देश-दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम में संजय झा, संजय सरावगी, मदन सहनी, गोपालजी ठाकुर, मुरारी मोहन झा सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

