नालंदा जिले में सात लाख का कचरा प्रसंस्करण सामग्री जलकर नष्ट
नालंदा, बिहारशरीफ 08 सितंबर (हि.स.)।हरनौत प्रखंड की नेहुसा पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को संचालित करने वाली अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई डब्ल्यूपीयु को सोमवार की रात अज्ञात बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया। करीब सात लाख रुपये की लागत से स्थापित इस इकाई में आगजनी के कारण भवन सहित कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद पंचायत में हड़कंप मच गया और स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों एवं पंचायत के स्वच्छता पर्यवेक्षक परमानंद पासवान के अनुसार, आग लगने की घटना रात करीब 10 बजे की है। आग इतनी तेजी से फैली कि डब्ल्यू पी यु भवन के अंदर रखी कचरा प्रसंस्करण से संबंधित सामग्री को संभालने का मौका नहीं मिला। आग बुझने के बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो अंदर रखी अधिकांश सामग्री जलकर राख हो चुकी थी।
भवन को भी पहुंचा नुकसानआगजनी की घटना में केवल कचरा प्रसंस्करण सामग्री ही नहीं जली, बल्कि डब्ल्यू पी यु के भवन को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आग की तपिश से छत, दीवार एवं फर्श का प्लास्टर उखड़ गया, जबकि भवन की संरचना को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
इकाई के अंदर रखे बोतल, मल्टी-लेयर प्लास्टिक, सिरिंज, पुराना लोहा, पॉलिथीन समेत अन्य कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार नुकसान का वास्तविक आकलन संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।नेहुसा पंचायत में स्थापित यह अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पंचायत के सभी 20 वार्डों से एकत्रित कचरे के निपटान एवं प्रसंस्करण के लिए महत्वपूर्ण थी।
विभिन्न वार्डों से कचरा ठेला गाड़ियों के माध्यम से डब्ल्यू पी यु तक पहुंचाया जाता था, जहां कचरे को अलग-अलग कर उसके प्रसंस्करण एवं निस्तारण की प्रक्रिया की जाती थी।इकाई के बंद होने से पंचायत के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन पर भी असर पड़ने की आशंका है। सोमवार को आगजनी की घटना के कारण कचरे की छंटाई एवं प्रसंस्करण का काम प्रभावित रहा।
स्वच्छता पर्यवेक्षक परमानंद पासवान ने बताया कि पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत कुल 25 कर्मी कार्यरत हैं। इनमें दो चालक, 20 सफाई कर्मी, एक स्वच्छता पर्यवेक्षक तथा कचरे को अलग-अलग करने के लिए दो कर्मी शामिल हैं।डब्ल्यू पी यु के माध्यम से पंचायत में एकत्रित कचरे को व्यवस्थित तरीके से अलग करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया संचालित की जाती थी। इसके संचालन से पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ कई कर्मियों का रोजगार भी जुड़ा हुआ है।सुनियोजित आगजनी की आशंका घटना के बाद प्रारंभिक तौर पर सुनियोजित आगजनी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग किस कारण लगी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना की गंभीरता से जांच कराने तथा दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की ऐसी महत्वपूर्ण इकाई को नुकसान पहुंचाना पंचायत की पूरी स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वाला मामला है।पंचायत सचिव विकास कुमार ने बताया कि लगभग सात लाख रुपये की लागत से डब्ल्यू पी यु भवन का निर्माण करीब दो वर्ष पूर्व कराया गया था। इसका निर्माण शेरपुर गांव जाने वाली सड़क के किनारे कराया गया था। यहां पंचायत के विभिन्न वार्डों से एकत्रित कचरे को लाकर उसकी छंटाई एवं प्रसंस्करण किया जाता था।उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना से भवन एवं उसमें रखी सामग्री को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का विस्तृत आकलन जांच के बाद किया जाएगा।
पुलिस ने पहुंचकर ली जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। सूचना पर एएसआई मो. तालिब, एएसआई विकास कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और पंचायत कर्मियों एवं ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली।बाद में मामले की सूचना हरनौत थाना को भी दी गई। पुलिस द्वारा घटना के कारणों और आगजनी में किसी की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

