तीन करोड़ के पंचायत सरकार भवन में दरार, मरम्मत से पहले होगी तकनीकी जांच
किशनगंज, 30 अगस्त (हि.स.)।ठाकुरगंज प्रखंड की बंदरझुला पंचायत में करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन की दीवारों में दरारें आने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।मीडिया में भवन की दीवारों में दरार और कई हिस्सों में प्लास्टर झड़ने की खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी नवीन कुमार ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं।
डीएम ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। इसमें अपर समाहर्त्ता, विभागीय जांच, किशनगंज, कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, किशनगंज तथा सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, किशनगंज को शामिल किया गया है।जांच दल को एक सप्ताह के अंदर भवन का स्थल निरीक्षण कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। जांच में यह देखा जाएगा कि भवन निर्माण में प्राक्कलन एवं बीओक्यू के अनुसार सामग्री का इस्तेमाल हुआ है या नहीं, स्वीकृत प्राक्कलन और डिजाइन के अनुरूप निर्माण कार्य कराया गया अथवा नहीं तथा भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हुआ है या नहीं। इसके अलावा नींव, संरचनात्मक हिस्सों और निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता को जांच दल को प्राक्कलन, अभिलेख, मापी पुस्तिका और बीओक्यू सहित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।बताया जाता है कि भवन का उद्घाटन पांच अगस्त को स्थानीय विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने किया था। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद दीवारों में दरार और प्लास्टर झड़ने की शिकायत सामने आने पर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे। ग्रामीणों ने मरम्मत से पहले भवन की तकनीकी जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन में निर्माण संबंधी खामी है तो केवल दरारों की मरम्मत कराने से मामला खत्म नहीं होना चाहिए। पहले दरारों के वास्तविक कारण और निर्माण की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि भवन में आई दरार का कारण क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

