दहेज हत्या मामले में पति को आठ वर्ष सश्रम कारावास
दरभंगा, 24 सितंबर (हि.स.)। दहेज हत्या के करीब 16 वर्ष पुराने मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने दोषी पति को भादवि की धारा 304(बी) के तहत आठ वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी मनीगाछी थाना क्षेत्र के महथौर निवासी स्वर्गीय फौदार माली के पुत्र प्रमोद माली हैं।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि मधुबनी जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के महरैल गांव निवासी उपेंद्र माली ने अपनी पुत्री ललिता देवी की शादी वर्ष 2005 में प्रमोद माली के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में 50 हजार रुपये और चार भरी सोने की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर ललिता देवी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया।
25 अक्टूबर 2010 को उपेंद्र माली को सूचना मिली कि उनकी पुत्री की हत्या कर दी गई है। इसके बाद उनके बयान पर मनीगाछी थाना में प्रमोद माली समेत गीता देवी और फौदार माली के विरुद्ध कांड संख्या 182/2010 दर्ज किया गया। विचारण के दौरान गीता देवी और फौदार माली की मृत्यु हो गई।
मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाहों की गवाही कराई गई। अदालत ने 13 मई 2011 को आरोप गठन किया था। सत्रवाद संख्या 164/2011 के तहत चले मामले में अभियोजन की ओर से एपीपी बबीता कुमारी ने पक्ष रखा। गुरुवार को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रमोद माली को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

