दुष्कर्म मामले में दोषी को 12 साल की सजा, 50 हजार रुपये का जुर्माना
किशनगंज, 25 जुलाई (हि.स.)। करीब तीन वर्ष पुराने दुष्कर्म मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश प्रसाद सिंह ने आरोपी मो. बारिक उर्फ बारिक आलम को दोषी करार देते हुए 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने शनिवार को दंडादेश पारित किया। अभियोजन के अनुसार घटना 24 जून 2023 की है। पीड़िता अपनी मां के साथ घर के उत्तर दिशा में शौच के लिए गई थी। इसी दौरान आरोपी मो. बारिक उर्फ बारिक आलम उसे जबरन करीब एक किलोमीटर दूर स्थित चाय बागान में ले गया और दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता बेहोश हो गई। होश आने पर स्थानीय लोगों और उसकी मां की मदद से उसे सदर अस्पताल, किशनगंज में भर्ती कराया गया। पीड़िता के फर्द बयान के आधार पर 25 जून 2023 को किशनगंज महिला थाना में कांड संख्या 30/2023 दर्ज किया गया।
मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अनुसंधान के बाद 19 जनवरी 2024 को आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। 21 फरवरी 2024 को आरोप गठित किए गए, जिसे आरोपी ने नकारते हुए सुनवाई की मांग की। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साहा ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार सहनी ने पैरवी की।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने 15 जुलाई 2026 को निर्णय सुरक्षित रखा था। इसके बाद आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी ठहराते हुए 25 जुलाई 2026 को 12 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
आरोपी 23 नवंबर 2023 से न्यायिक हिरासत में था और विचारण के दौरान लगभग दो वर्ष आठ माह का कारावास भुगत चुका है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

