मुख्यमंत्री ने रोहतास जिला में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
रोहतास, 06 अक्टूबर (हि.स.)।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड के करूप पंचायत स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में नवनिर्मित खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित छात्र-छात्राओं से बातचीत की और छात्रों द्वारा बनाए गए नए-नए विज्ञान के मॉडलों को देखा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 400 करोड़ रुपये की विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, सिंचाई और जल निकासी सहित आधारभूत संरचना के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज के कार्यक्रम में करीब 400 करोड़ रूपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं जल निकासी से संबंधित कार्य जनता को समर्पित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बनारस-रांची मार्ग के निर्माण में पहाड़ के अंदर से कटिंग कर मार्ग विकसित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने तीन दिनों तक चलने वाले सेवा सेतु अभियान और सहयोग शिविर का उद्घाटन करने के पश्चात अपने संबोधन में कहा कि इस क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को विकसित कर अगले पांच वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या को लगभग 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने रोहतास की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां जो नयी टाउनशिप बनेगी उसका नाम रोहतास रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सहयोग शिविर महीने में दो बार आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 'सेवा सेतु अभियान' तीन दिनों तक, 6 से 8 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है।
उन्होंने जीविका दीदियों और पदाधिकारियों से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय के साथ विकास होगा। सबके साथ, सबके विकास की भावना से काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतास और आसपास के क्षेत्र में मां ताराचंडी मंदिर, गुप्ता धाम, मां तुतला भवानी घाम, यक्षिणी भवानी धाम और चौरासन धाम सहित अनेक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए पर्यटन, वन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन स्थलों पर लगभग 50 हजार लोग आते हैं। सरकार का प्रयास है कि अगले पांच वर्षों में यह संख्या बढ़ाकर कम से कम 5 लाख की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

